Phulo Aur Kaliyan Me Bahar Aa Gayi
फूलों और कलियों में बहार आ गई,देख
गौरा तेरी बारात आ गई,फूलों और कलियों
में बहार……
शीश पे उनके गंगा की मौरी,माथे पे उनके
चंदा की रोरी,नन्दी पे भोले की सवारी आ
गई,देख गौरा तेरी बारात आ गई…….
गले भोले के सरपों की माला,कानों में उनके
बिच्छू का बाला,भाग धतूरे की बौछार हो
गई,देख गौरा तेरी बारात आ गई…….
हाथों में भोले के डमरू का बाजा,तन पे है
उनके भस्मी का जामा,डोल नगाडों की
झंकार हो गई,देख गौरा तेरी……..
करके अगवानी नारद जी आये,देवों को लेके
ब्रम्हा भी आये,भूतों के संग बारात आ गई,
देख गौरा तेरी बारात आ गई……..

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile