Mahakal Japte Japte Dauda Chala Mai Aau
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं,
दिल की सुनाऊं तुमको, किस्मत मेरी संवारूं।
आया हूं तेरे दर पर दुखड़े सभी मिटा दे,
एक आस है तुझी से बिगड़ी मेरी बना दे,
तेरे भरोसे बैठा खाली कभी ना जाऊं,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं ।
हमने सुना है बाबा लाखों को तुमने तारा,
भूलों को माफ करके कितनों को है उबारा,
मैं भी शरण पड़ा हूं, किरपा तेरी मैं चाहूं,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं
दिल की सुनी है मेरी बिगड़ी बनी है मेरी,
दर पे तुम्हारे आकर, झोली भरी है मेरी,
तुम जैसा कोई जग में, दाता नहीं मैं पाऊं ,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं ।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile