Chalo Amarnath Pyare Bam Bam Ke Laga Nahre
चलो अमरनाथ, चलो अमरनाथ,
चलो, अमरनाथ प्यारे, बम बम के, लगा नाहरे ॥
हर हर के, लगा नाहरे, बम बम के, लगा नाहरे
अमरनाथ की, अमर यात्रा, करता किस्मत वाला,
अद्भुत गुफ़ा, विशाल निराली, दरवाज़ा न ताला ॥
हर हर बम बम, हर हर बम बम,
हर हर बम बम, हर हर
दुर्गम घाटी, रस्ता है कठिन, बस चलता ही जा रे,
हर हर के, लगा नाहरे, बम बम के, लगा नाहरे…
चलो अमरनाथ ॥ । प्यारे, हर हर के, लगा नाहरे,
बम बम के, लगा नाहरे, हर हर के, लगा नाहरे
मेरे बाबा, बर्फानी…
भूख़े को अन्न… प्यासे को पानी…
हर हर बम बम, हर हर बम बम,
हर हर बम बम, हर हर
हो शिव ने, यहाँ पे, पार्बती को, अमर कथा थी सुनाई,
वेद पुराणों, ने भी महिमा, अमरनाथ की गई ॥
हर हर बम बम, हर हर बम बम,
हर हर बम बम, हर हर
कदम कदम, मन को मोहे, कुदरत के नज़ारे,
हर हर के, लगा नाहरे, बम बम के, लगा नाहरे…
चलो अमरनाथ ॥ । प्यारे, हर हर के, लगा नाहरे,
बम बम के, लगा नाहरे, हर हर के, लगा नाहरे
मेरे बाबा, बर्फानी…
भूख़े को अन्न… प्यासे को पानी…
भोले, जी के धाम, अमरनाथ, जी के धाम ॥
चलो, चलें भक्तो, गौरी, नाथ जी के धाम,
चलो, चलें भक्तो, उमा, नाथ जी के धाम,
भोले, जी के धाम, अमरनाथ, जी के धाम x॥
जयकारा… बर्फानी बाबा का…
बोल, भोले अमरनाथ की जय ।
जयकारा… शिव कैलाशी का…
बोल, भोले अमरनाथ की जय ।
बाबा, बर्फानी जी के, धाम, जो भी जाएँगे ॥
शिव भोले, भंडारी से वो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे ।
मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे वो, मन चाहा, फ़ल पाएँगे ।
हो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे वो, मन चाहा, फ़ल पाएँगे ।
जो भी, सच्ची भावना से, उनकी महिमा गाएँगे,
शिव भोले, भंडारी से वो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे ।
हो, धन वैभव की, गंगा वहेगी, घर में कमी, न कोई रहेगी ।
शिव से, नाता जोड़ के, शिव से, नाता जोड़ के
हो…कष्टों का, अंधकार मिटेगा, दुःख का, काला मेघ छटेगा ।
उस पे, सब कुछ छोड़ के, उस पे, सब कुछ छोड़ के
भोले जी के, दर पे जो भी, झोलियाँ फैलाएँगे,
शिव भोले, भंडारी से वो, मन चाहा, फ़ल पाएँगे ।
पाप तुम्हारे, धुल जाएँगे, भाग के द्वारे, खुल जाएँगे
वहां पे, जा के देखिए, वहां पे, जा के देखिए
रंक से राजा, बन जायोगे, तुम महां दानी, कहलायोगे ।
माथा, तो सब टेकीए, माथा, तो सब टेकीए
बस, सर के साथ, जो भी वहां, मन को झुकाएँगे ॥
शिव भोले, भंडारी से वो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे ।
हो,, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे वो, मन चाहा, फ़ल पाएँगे ।
अरे,, दुःख उनके, मिट जाएँगे वोह, सुख के, मोती पाएँगे ।
हो,, बाबा, अमरनाथ जी के, धाम, जो भी जाएँगे…
शिव भोले, भंडारी से वो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे
बाबा, अमरनाथ जी के, धाम, जो भी जाएँगे ॥
मेरे, शिव भोले, भंडारी से वो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे
भोले, जी के धाम, अमरनाथ, जी के धाम ।
चलो…
भोले, जी के धाम, अमरनाथ, जी के धाम ।
चलो चलो…
चलो, चलें भक्तो, गौरी, नाथ जी के धाम,
चलो, चलें भक्तो, उमा, नाथ जी के धाम,
भोले, जी के धाम, अमरनाथ, जी के धाम x॥
जयकारा… भोले भंडारी का…
बोल, भोले अमरनाथ की जय ।
जयकारा… डमरु धारी का…
बोल, भोले अमरनाथ की जय ।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile