Bhole Ko Mein Manane Mahakal Ja Raha Hu
भोले को में मानने, महाकाल जा रहा हूं ।
बाबा को जल चढ़ाने, उज्जैन जा रहा हूं।
1, बैठे गजानन चिंता हरे ,
हरसिद्धि मां भंडारे भरे
चरणों में तेरे बाबा सर को झुका रहा हूं
2, करदो दया की मुझपे नजर,
दुनिया से भोले मैं बेखबर,
चरणों का मैं दीवाना अरजी लगा रहा हूं
3, दुनिया से में तो घबरा गया ,
बाबा तुम्हारे दर आ गया
अपनी झलक दिखादो तुमको बुला रहा हूं

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile