Badi Aas Lagi Tumse
बड़ी आस लगी तुमसे तेरी और निहारूं मैं
दादी मेरी दादी दादी ही पुकारूँ मैं
बड़ी आस लगी तुमसे …………….
कितना कुछ कहना है ये सोच के आता हूँ
तुम्हे सामने पा कर के सब भूल ही जाता हूँ
मेरे आंसू समझती हो कैसे ये नकारु मैं
दादी मेरी दादी दादी ही पुकारूँ मैं
बड़ी आस लगी तुमसे ……………
सबने देखा मुझको हर पल मुस्काता हूँ
वो क्या जाने हँसके तकलीफ छिपाता हूँ
चाहे जितना रो लूँ चाहे जितना हारूँ
दादी मेरी दादी दादी ही पुकारूँ मैं
बड़ी आस लगी तुमसे ……………
अँधेरे जीवन में तू लायी उजाला है
जब जब भी सचिन भटका तूने ही संभाला है
ज्योति संग सेवा में तेरे चरण पखारूँ में
दादी मेरी दादी दादी ही पुकारूँ मैं
बड़ी आस लगी तुमसे ……………

मैं शिवप्रिया पंडित, माँ शक्ति का एक अनन्य भक्त और विंध्येश्वरी देवी, शैलपुत्री माता और चिंतापूर्णी माता की कृपा से प्रेरित एक आध्यात्मिक साधक हूँ। मेरा उद्देश्य माँ के भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप, उपासना विधि और कृपा के महत्व से अवगत कराना है, ताकि वे अपनी श्रद्धा और भक्ति को और अधिक दृढ़ बना सकें। मेरे लेखों में इन देवी शक्तियों के स्तोत्र, चालीसा, आरती, मंत्र, कथा और पूजन विधियाँ शामिल होती हैं, ताकि हर भक्त माँ की आराधना सही विधि से कर सके और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भर सके। जय माता दी! View Profile