Sun Dadi Sun Dadi Manohar Layi Hu
सुन दादी सुन दादी मनोहार लाई हु
दूर सु माँ चाल के दरबार आई हु
यु तो मेरो थे सविकारो मेरे घर में आन पधारो
लाडो की सुनी सुनी कुट्टिया ने माँ आज सवारों
चरना में मैं पुकार लाई हु
दूर सु माँ चाल के दरबार आई हु
घर में थारे आने सु माँ दुःख संकट मेरा कटजा सी
थारे चरना की धूलि सु बिगड़ा काम मेरा बन जा सी
अर्जी ले थारे द्वार आई हु
दूर सु माँ चाल के दरबार आई हु
पग पे रा सु थारे दादी मेरी भी किस्मत खुल जावे
हर्ष मेरी अटक्यो गाडी बिन धक्के ही हिमाचल जावे
आजा माँ आजा माँ गनों प्यार ल्याई हु
दूर सु माँ चाल के दरबार आई हु

मैं शिवप्रिया पंडित, माँ शक्ति का एक अनन्य भक्त और विंध्येश्वरी देवी, शैलपुत्री माता और चिंतापूर्णी माता की कृपा से प्रेरित एक आध्यात्मिक साधक हूँ। मेरा उद्देश्य माँ के भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप, उपासना विधि और कृपा के महत्व से अवगत कराना है, ताकि वे अपनी श्रद्धा और भक्ति को और अधिक दृढ़ बना सकें। मेरे लेखों में इन देवी शक्तियों के स्तोत्र, चालीसा, आरती, मंत्र, कथा और पूजन विधियाँ शामिल होती हैं, ताकि हर भक्त माँ की आराधना सही विधि से कर सके और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भर सके। जय माता दी! View Profile