Mavas Ri Bela Aayi
मावस री बेला आई,
मावस री बेला आई,
ओ देखो….सज गया माँ का द्वार,
मावस री बेला आई,
चालो जी झुंझुनू चालो,
मावस मेले में चालो,
ओ मेले का है दर्श अपार,
मावस री बेला आई,
याकि महिमा अपरम्पार,
मावस री बेला आई।
माँ बापू ने थे ले लो,
टाबर ने सागे ले लो,
लुगाई सागे जोड़े री जात,
मावस री बेला आई,
ओ देखो सज गया माँ का द्वार,
मावस री बेला आई।
रोली मौली और मेहंदी
सागे चिटकी भी लेलो,
ओ चुड़ा चुनार लेलो साथ,
मावस री बेला आई,
ओ देखो सज गया माँ का द्वार,
मावस री बेला आई।
या मेलो लागे भारी,
दुनियाँ देखण आवे भारी,
चालो चालो माँ के द्वार,
मावस री बेला आई,
ओ देखो सज गया माँ का द्वार,
मावस री बेला आई।
म्हारी मावस को है चर्चो,
घर घर में याको पर्चों,
अपर्णा मन में आई चाव,
मावस री बेला आई,
ओ देखो सज गया माँ का द्वार,
मावस री बेला आई।

मैं शिवप्रिया पंडित, माँ शक्ति का एक अनन्य भक्त और विंध्येश्वरी देवी, शैलपुत्री माता और चिंतापूर्णी माता की कृपा से प्रेरित एक आध्यात्मिक साधक हूँ। मेरा उद्देश्य माँ के भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप, उपासना विधि और कृपा के महत्व से अवगत कराना है, ताकि वे अपनी श्रद्धा और भक्ति को और अधिक दृढ़ बना सकें। मेरे लेखों में इन देवी शक्तियों के स्तोत्र, चालीसा, आरती, मंत्र, कथा और पूजन विधियाँ शामिल होती हैं, ताकि हर भक्त माँ की आराधना सही विधि से कर सके और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भर सके। जय माता दी! View Profile