Gale Se Laga Lo Mujhe Mawadi
दादी बताओ यही लिखा है क्या मेरी तकदीर में,
मुझे दिखाई दोगे क्या केवल अपनी तस्वीर में,
तस्वीर से बहार आओ ना अपनी इक झलक दिखाओ ना,
गले से लगा लो मुझे मावड़ी…
जब जब भी देखी मैंने दादी तुम्हारी सूरत है,
बढ़ ती जाए दिल में मेरे तुम से मिलने की चाहत है ,
मेरे दिल की प्यास बजाओ ना,
इक बार करीब आ जाओ ना,
गले से लगा लो मुझे मावड़ी….
यु तो सपने में मेरा तुमसे मिलना हो जाता है,
पर सपना तो सपना है टूटे तो दिल घबराता,
सपने को सच कर जाओ ना मेरे सिर पे हाथ फिराओ ना,
गले से लगा लो मुझे मावड़ी….
दादी अपने बेटे को तुम इतना तो अधिकार दो,
सोनू तुम को कुल देवी मुझे दर्शन तुम इक वार दो,
बचो को यु तरसाओ ना जरा प्रीत की रीत निभाओ ना,
गले से लगा लो मुझे मावड़ी…..

मैं शिवप्रिया पंडित, माँ शक्ति का एक अनन्य भक्त और विंध्येश्वरी देवी, शैलपुत्री माता और चिंतापूर्णी माता की कृपा से प्रेरित एक आध्यात्मिक साधक हूँ। मेरा उद्देश्य माँ के भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप, उपासना विधि और कृपा के महत्व से अवगत कराना है, ताकि वे अपनी श्रद्धा और भक्ति को और अधिक दृढ़ बना सकें। मेरे लेखों में इन देवी शक्तियों के स्तोत्र, चालीसा, आरती, मंत्र, कथा और पूजन विधियाँ शामिल होती हैं, ताकि हर भक्त माँ की आराधना सही विधि से कर सके और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भर सके। जय माता दी! View Profile