Dadi Mangal Karsi Mangal
दादी मंगल, करसी मंगल आओ करा मंगल ।
दादीजी नै भोत हीं प्यारो, काम बणसी जी म्हारो ।।
मंगल की गाथा माही, दादीजी विराजे ।
सागे सागे गावे म्हारे, सागे सागे नाचे ।
मंगल घड़ियाँ है मंगल की, आओ करा मंगल ।।
दादीजी नै भोत हीं प्यारो ।।१।।
सोलह श्रृंगार कर, बहु बेटी आई ।
दादी नें भी देखो, बनड़ी बणाई ।
हाथा मेहंदी, माथे चुनड़ी, ओढ़ करा मंगल ।।
दादीजी नै भोत हीं प्यारो ।।२।।
मावस की मावस नीतु मंगल गावे ।
बेटापोता धन और दौलत, दादी सूं पावे ।
घणी सकलाई है मंगल की, आओ करा मंगल ।।
दादीजी नै भोत हीं प्यारो ।।३।।

मैं शिवप्रिया पंडित, माँ शक्ति का एक अनन्य भक्त और विंध्येश्वरी देवी, शैलपुत्री माता और चिंतापूर्णी माता की कृपा से प्रेरित एक आध्यात्मिक साधक हूँ। मेरा उद्देश्य माँ के भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप, उपासना विधि और कृपा के महत्व से अवगत कराना है, ताकि वे अपनी श्रद्धा और भक्ति को और अधिक दृढ़ बना सकें। मेरे लेखों में इन देवी शक्तियों के स्तोत्र, चालीसा, आरती, मंत्र, कथा और पूजन विधियाँ शामिल होती हैं, ताकि हर भक्त माँ की आराधना सही विधि से कर सके और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भर सके। जय माता दी! View Profile