महावतार बाबाजी एक ऐसे अमर योगी हैं जिन्होंने सदियों से मानवता को योग, ध्यान और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया है। महावतार बाबाजी गायत्री मंत्र का जाप साधक को भीतर से जाग्रत करता है और ईश्वरीय ऊर्जा से जोड़ता है। तो आप भी आज नीचे दिए गए Mahavatar Babaji Gayatri Mantra को अपनाये और अपने जीवन को रोगमुक्त बनाये-
Mahavatar Babaji Gayatri Mantra
ॐ महावतार विद्महे सत् गुरुदेवाय दीमहि,
तन्नो बाबाजी प्रचोदयात्॥
अर्थ: हम उस दिव्य आत्मा महावतार बाबाजी को जानने का प्रयास करें, जो शाश्वत ज्ञान, योग और आत्म-साक्षात्कार के आलोक स्वरूप हैं। हम उन सत्गुरु का ध्यान करें, जो हमें सत्य के मार्ग पर चलना सिखाते हैं और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाते हैं। हे बाबाजी, कृपया हमारी बुद्धि को प्रकाशित करें और हमें आत्मिक जागृति, शांति और उच्च चेतना की दिशा में प्रेरित करें।

महावतार बाबाजी न केवल योग के प्रतीक हैं बल्कि चेतना की सर्वोच्च अवस्था तक पहुँचने का माध्यम भी हैं। यदि आप अध्यात्म में और अधिक गहराई पाना चाहते हैं, तो Mahavatar Babaji Gayatri Mantra Meaning के साथ-साथ पितृ गायत्री मंत्र, दत्त गायत्री मंत्र और राघवेन्द्र गायत्री मंत्र का भी जाप अवश्य करें। ये सभी मंत्र मिलकर साधक के जीवन में संतुलन, शांति और दिव्यता का संचार करते हैं।
मंत्र जाप करने की सही विधि
- स्नान करें: जाप शुरू करने से पहले स्नान कर लें और शांत व स्वच्छ स्थान का चयन करें। पूजा स्थल पर धूप-दीप जलाएं और एकाग्रता का वातावरण बनाएं।
- योगासन: शांत और स्थिर मुद्रा में बैठकर कमर सीधी रखें और योगासन में बैठे, ऐसा करने से ध्यान में स्थिरता आती है और मंत्र जाप का प्रभाव बढ़ता है।
- ध्यान करें: अपनी आंखें बंद करें और मन में महावतार बाबाजी की दिव्य स्वरुप का ध्यान करें और उन्हें उज्ज्वल प्रकाश रूप में कल्पना करें जो आपको ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।
- मंत्र उच्चारण: शुद्ध उच्चारण के साथ Mahavatar Babaji Gayatri Mantra का जाप करें और मंत्र के हर शब्द को भावना और श्रद्धा के साथ बोलें। धीरे-धीरे जाप की लय में मन डूबता चला जाएगा।
- ध्यान केंद्रित करें: मंत्र जाप के दौरान अपने आज्ञा चक्र (भौंहों के बीच) पर एक प्रकाश बिंदु की कल्पना करें। यह ध्यान को उच्चतर स्तर तक ले जाता है।
- धन्यवाद करें: जाप पूर्ण होने के बाद महावतार बाबाजी को कृतज्ञता प्रकट करें और कुछ क्षण शांत बैठें और मंत्र की ऊर्जा को महसूस करें।
नियमित रूप से और मन से किया गया महावतार बाबाजी गायत्री मंत्र जाप साधक के भीतर दिव्यता, शांति और आत्मबल की गहराई को जाग्रत करता है।
FAQ
महावतार बाबाजी कौन हैं और इनका महत्व क्या है?
महावतार बाबाजी एक अमर योगी माने जाते हैं जो हजारों वर्षों से पृथ्वी पर मौजूद हैं।
क्या यह मंत्र ध्यान और योग के लिए उपयुक्त है?
हाँ, यह मंत्र विशेष रूप से ध्यान, योग और आध्यात्मिक साधना को गहराई देने के लिए उपयुक्त है।
इस मंत्र का जाप कब और कैसे करें?
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में या रात को शांत वातावरण में इस मंत्र का जाप करें। 108 बार रुद्राक्ष माला से जाप करना श्रेष्ठ माना गया है।
क्या महिलाएं भी महावतार बाबाजी के गायत्री मंत्र का जाप कर सकती हैं?
हाँ, यह मंत्र सभी के लिए है। महिलाएं भी पूर्ण श्रद्धा और नियम से इस मंत्र का जाप कर सकती हैं और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकती हैं।

मैं श्रुति शास्त्री , एक समर्पित पुजारिन और लेखिका हूँ, मैं अपने हिन्दू देवी पर आध्यात्मिकता पर लेखन भी करती हूँ। हमारे द्वारा लिखें गए आर्टिकल भक्तों के लिए अत्यंत उपयोगी होते हैं, क्योंकि मैं देवी महिमा, पूजन विधि, स्तोत्र, मंत्र और भक्ति से जुड़ी कठिन जानकारी सरल भाषा में प्रदान करती हूँ। मेरी उद्देश्य भक्तों को देवी शक्ति के प्रति जागरूक करना और उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत करना है।View Profile