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जगत सेठाणी म्हारी दादी माँ कुहावे भजन लिरिक्स

जगत सेठाणी म्हारी दादी माँ कुहावे भजन एक बहुत ही प्यारा और श्रद्धापूर्ण गीत है, जो विशेष रूप से दादी माँ की महिमा और उनके आशीर्वाद को मान्यता देता है। इस भजन के माध्यम से भक्त अपनी दादी माँ के प्रति प्रेम और श्रद्धा व्यक्त करते हैं और उनकी कृपा से जीवन में सफलता, सुख, और समृद्धि की कामना करते हैं।

Jagat Sethani Mhari Dadi Maa Kuhave Bhajan Lyrics

जगत सेठाणी म्हारी,
दादी माँ कुहावे,
मोटी ये सेठाणी म्हारी,
नारायणी कुहावे,
जो भी मंगल करावे,
जो भी चुनड़ी चढ़ाए,
मालामाल करसी,
झोली भरसी,
जगत सेठानी म्हारी,
दादी माँ कुहावे।।

झुंझन वाली मावडी को,
जो भी लाड़ लड़ावेगो,
सुख सम्पति धन वैभव यश,
वो जीवन भर पावेगो,
मंगल करणी मंगल करसी,
मंगल करणी मंगल करसी,
घर में धन ना समावेगो,
दादी की किरपा,
उन पे बरसती,
जो भी मंगल करावे,
जो भी चुनड़ी चढ़ाए,
मालामाल करसी,
झोली भरसी,
जगत सेठानी म्हारी,
दादी माँ कुहावे।।

नारायणी की छवि,
है अति प्यारी,
ममता नैनो से छलक रही,
जितनो निहारूँ,
मुखडो यो प्यारो,
प्यास नैना की नाही बुझ रही,
प्यास बुझा दो दरश करा दो,
प्यास बुझा दो दरश करा दो,
‘रेणु बबिता’ बलिहार से,
थारी ही सेवा में,
सारी उमर गुजारूं,
जो भी मंगल करावे,
जो भी चुनड़ी चढ़ाए,
मालामाल करसी,
झोली भरसी,
जगत सेठानी म्हारी,
दादी माँ कुहावे।।

जगत सेठाणी म्हारी,
दादी माँ कुहावे,
मोटी ये सेठाणी म्हारी,
नारायणी कुहावे,
जो भी मंगल करावे,
जो भी चुनड़ी चढ़ाए,
मालामाल करसी,
झोली भरसी,
जगत सेठानी म्हारी,
दादी माँ कुहावे।।

“जगत सेठाणी म्हारी दादी माँ कुहावे” भजन में दादी माँ की महिमा का बखान किया गया है और उनके आशीर्वाद से जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सलाम किया जाता है। यह भजन हमें यह समझाता है कि दादी माँ की कृपा और आशीर्वाद से जीवन के हर कठिन समय से निकलना आसान हो जाता है। अगर आपको यह भजन पसंद आया हो, तो आप अन्य भजनों का भी आनंद ले सकते हैं जैसे “दादी माँ का आशीर्वाद”, “माँ की शक्ति”, और “दादी माँ की कृपा से”। जय दादी माँ!

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