माँ देख तेरा श्रृंगार करे दिल नाचण का भजन लिरिक्स

माँ देख तेरा श्रृंगार करे दिल नाचण का यह भजन भक्तों की उस अटूट श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है, जो वे माँ के दरबार में अपने मन से अर्पित करते हैं। माँ भगवती के श्रृंगार के दर्शन मात्र से भक्तों के हृदय में आनंद और भक्ति का संचार होने लगता है। यह भजन माँ की महिमा का गुणगान करता है और भक्तों की भक्ति को उजागर करता है।

Maa Dekh Tera Shringar Kare Dil Nachan Ka Bhajan Lyrics

माँ देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का,
नाचण का दिल नाचण का,
चाहे देखूं जितनी बार,
करे दिल नाचण का,
मां देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का।।

प्यारी सूरत भोली भाली,
सोहे नथनी बिंदियाँ वाली,
प्यारा लागे गले का हार,
करे दिल नाचण का,
मां देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का।।

ऐसा कोई फूल बचा ना,
जो तेरे गजरे में सजा ना,
माँ महक रहा संसार,
करे दिल नाचण का,
मां देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का।।

कितना सुन्दर कितना प्यारा,
देख ले ‘सोनू’ आज नजारा,
क्या खूब सजा दरबार,
करे दिल नाचण का,
मां देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का।।

माँ देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का,
नाचण का दिल नाचण का,
चाहे देखूं जितनी बार,
करे दिल नाचण का,
मां देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का।।

जब भक्त सच्चे मन से माँ के दरबार में आते हैं और प्रेमपूर्वक उनका श्रृंगार करते हैं, तो माँ अपने आशीर्वाद से उनकी हर मनोकामना पूर्ण कर देती हैं। यह भजन माँ के प्रति हमारी भक्ति और समर्पण की भावना भी प्रबल करता है, अगर आप और भी भक्तिमय भजनों का आनंद लेना चाहते हैं, तो “ऊँचे पर्वत मैया का दरबार है” और “मेरी सुनकर करुण पुकार भवानी आएगी” जैसे भजनों को जरूर सुनें।

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