ज्योत जली तेरी तुझे आना पड़ेगा माता भजन माँ की अपार कृपा और भक्तों की अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। जब भी भक्त सच्चे मन से माँ की आराधना करते हैं और उनके दरबार में ज्योत जलाते हैं, तब माँ अवश्य पधारती हैं और अपने प्रेम से आशीर्वाद देती हैं। यह भजन भक्त और माँ के बीच के गहरे प्रेम और विश्वास को दर्शाता है।
Jyot Jali Teri Tujhe Aana Padega Mata Bhajan Lyrics
ज्योत जली तेरी तुझे आना पड़ेगा,
गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा,
नही है मिश्री मेवा खिंचड़ा ही मिलेगा,
गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा।।
भावो के फूलों से कुटिया सजाई,
माटी के रंगों से शोभा बढ़ाई,
घास का है आसन बिछाना पड़ेगा,
ज्योत जली तेरी तुझें आना पड़ेगा,
गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा।।
गंगाजल लाइके छिड़काव कराया,
रोली ओर मोली से थाल सजाया,
कह आया सारी नगरी आना ही पड़ेगा,
ज्योत जली तेरी तुझें आना पड़ेगा,
गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा।।
पंडित सत्संगी को सबको बुलाया,
कोरे से बर्तन में भोग बनाया,
भजन हमरे सुनके आना ही पड़ेगा,
ज्योत जली तेरी तुझें आना पड़ेगा,
गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा।।
ज्योत जली तेरी तुझे आना पड़ेगा,
गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा,
नही है मिश्री मेवा खिंचड़ा ही मिलेगा,
गरीबो के घर भी भोग खाना पड़ेगा।।
माँ अपने भक्तों की पुकार कभी अनसुनी नहीं करतीं। जब भी कोई सच्चे मन से उन्हें बुलाता है, वे अवश्य आती हैं और अपने आशीर्वाद से जीवन को संवारती हैं। यह भजन हमें यह विश्वास दिलाता है कि माँ की कृपा सदा हमारे साथ है, बस हमें श्रद्धा और समर्पण के साथ उन्हें याद करना है। अगर आप और भी भक्ति से भरपूर भजन सुनना चाहते हैं, तो “मेरी मैया तुम्हे अर्पण, भला हम क्या करें” और “मैया जी, मेरे हाथ को अब थाम लीजिए” जैसे भजनों को अवश्य सुनें, जो माँ के प्रेम और आशीर्वाद को और अधिक महसूस कराते हैं।