दुर्गा है मेरी माँ अम्बे है मेरी माँ भजन माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान करता है। यह भजन दर्शाता है कि माँ दुर्गा ही शक्ति, करुणा और स्नेह की प्रतीक हैं। भक्त उन्हें अलग-अलग रूपों में पूजते हैं, कभी दुर्गा, कभी अंबे, तो कभी काली के रूप में। यह भजन श्रद्धालुओं की माँ के प्रति अटूट भक्ति को प्रकट करता है।
Durga Hai Meri Maa Ambe Hai Meri Maa Bhajan Lyrics
जय बोलो जय माता दी, जय हो,
जो भी दर पे आए, जय हो,
वो खाली ना जाए, जय हो,
सबके काम है करती, जय हो,
सबके दुखड़े हरती, जय हो,
मैया शेरोवाली, जय हो,
भर दो झोली खाली, जय हो,
मैया शेरोवाली, जय हो,
भर दो झोली खाली, जय हो।।
दुर्गा है मेरी मां,
अम्बे है मेरी माँ।।
पूरे करे अरमान जो सारे,
पूरे करे अरमान जो सारे,
देती है वरदान जो सारे,
देती है वरदान जो सारे,
दुर्गा है मेरी मां,
अम्बे है मेरी माँ।।
सारे जग को खेल खिलाये,
सारे जग को खेल खिलाये,
बिछडो को जो खूब मिलाये,
बिछडो को जो खूब मिलाये,
दुर्गा है मेरी मां,
अम्बे है मेरी माँ।।
दुर्गा है मेरी माँ,
अम्बे है मेरी माँ।।
माँ दुर्गा की स्तुति करने वाला यह भजन भक्तों के हृदय में ऊर्जा और श्रद्धा का संचार करता है। यदि आपको यह भजन पसंद आया, तो “जय अम्बे गौरी भजन” और “दुर्गा माँ की महिमा” भी जरूर सुनें। माँ दुर्गा आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं। जय माता दी!