भोले को कैसे मैं मनाऊं रे मेरा भोला ना माने भजन लिरिक्स

भोले को कैसे मैं मनाऊं रे मेरा भोला ना माने यह भजन भगवान शिव के भोलेपन और उनके प्रति भक्तों की निष्ठा और प्रेम को दर्शाता है। भजन के शब्दों में एक भक्त अपने भगवान शिव से मार्गदर्शन और कृपा की प्रार्थना करता है, यह सोचते हुए कि शिव जी को कैसे मनाया जाए। भगवान शिव का रूप अत्यंत सरल और भोला है, और वे अपने भक्तों के हर दुःख को समझते हैं।

Bhole Ko Kaise Main Manau Re Mera Bhola Na Mane Bhajan Lyrics

भोले को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरा भोला ना माने,
भोला ना माने मेरा,
शंकर न माने,
भोले को कैसे मै मनाऊं रे,
मेरा भोला ना माने।।

भोले को भाये ना लड्डू ना पेड़ा,
भांग कहां से लाऊं रे,
मेरा भोला ना माने,
भोले को कैसे मै मनाऊं रे,
मेरा भोला ना माने।।

भोले को भाये ना हाथी ना घोडा,
बैल कहां से लाऊं रे,
मेरा भोला ना माने,
भोले को कैसे मै मनाऊं रे,
मेरा भोला ना माने।।

भोले को भाये ना ढोलक मंजीरा,
डमरू कहां से लाऊं रे,
मेरा भोला ना माने,
भोले को कैसे मै मनाऊं रे,
मेरा भोला ना माने।।

भोले को भाये ना रेशम का चोला,
बागाम्बर कहां से लाऊं रे,
मेरा भोला ना माने,
भोले को कैसे मै मनाऊं रे,
मेरा भोला ना माने।।

भोले को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरा भोला ना माने,
भोला ना माने मेरा,
शंकर न माने,
भोले को कैसे मै मनाऊं रे,
मेरा भोला ना माने।।

“भोले को कैसे मैं मनाऊं रे मेरा भोला ना माने” जैसे भजन हमें भगवान शिव के सरल और भोले रूप को याद दिलाते हैं, जिनकी कृपा से हम जीवन में हर कठिनाई को पार कर सकते हैं। शिव जी के प्रति इस भक्ति भाव में हमें सच्चे समर्पण और विश्वास से शिव जी के आशीर्वाद का अनुभव होता है। अगर आप इस भजन के माध्यम से शिव जी की महिमा और कृपा को महसूस कर रहे हैं, तो आप “ॐ नमः शिवाय”, “शिव तांडव स्तोत्र” और “शिव शंकर चले कैलाश” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और शिव जी की भक्ति में और गहरे उतरें। शिव जी के भजन हमें शांति, शक्ति और आशीर्वाद से भर देते हैं।

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