ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो शिव भजन लिरिक्स

ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो शिव एक अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली शिव भजन है, जो भगवान महाकाल के काल और उनकी अपरंपार शक्ति का गुणगान करता है। इस भजन में भगवान शिव को काल का स्वामी और ब्रह्माण्ड के कर्ता के रूप में पूजा जाता है। महाकाल का रूप न केवल भौतिक जगत के विनाशक है, बल्कि वह आत्मा की गहराई और जीवन के उद्देश्य को भी समझाते हैं। इस भजन को गाने से एक भक्त को अपनी शक्ति और भक्ति में एक नया उत्साह मिलता है।

Om Mahakal Ke Kaal Tum Ho Prabho Shiv Bhajan Lyrics

ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो,
गुण के आगार सत्यम् शिवम् सुंदरम्,
कर में डमरू लसे चंद्रमा भाल पर,
हो निराकार सत्यम् शिवम् सुंदरम्।।

हैं जटा बीच मंदाकिनी की छटा,
मुंडमाला गले बीच शोभित महा,
कंठ में माल विषधर लपेटे हुए,
करके सिंगार सत्यम् शिवम् सुंदरम्।।

बैठे कैलाश पर्वत पर आसन लगा,
भस्म तन पर हो अपने लगाए हुए,
है तुम्हारी निराली ये अनुपम छटा,
सबके आधार सत्यम् शिवम् सुंदरम्।।

न्यारी महिमा तुम्हारी है त्र्यलोक में,
भोले भंडारी तुम बोले जाते प्रभो,
अम्बिका निर्मोही को आस है आपकी,
कर दो उद्धार सत्यम् शिवम् सुंदरम्।।

ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो,
गुण के आगार सत्यम् शिवम् सुंदरम्,
कर में डमरू लसे चंद्रमा भाल पर,
हो निराकार सत्यम् शिवम् सुंदरम्।।

“ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो शिव” जैसे भजन हमें भगवान शिव के महाकाल रूप की ताकत और उनके अद्वितीय प्रभाव को समझाते हैं। भगवान महाकाल का रूप हमें यह सिखाता है कि जीवन के सभी उतार-चढ़ावों में शिव की शक्ति से ही हमें संजीवनी मिलती है। आप “शिव शंकर भोले की तुम महिमा हर पल गाओ”, “दूल्हा बने भोलेनाथ जी हमारे”, “बम बम बम बम बम भोला पहना सन्यासी चोला”, और “गौरा जी को भोले का योगी रूप सुहाया है” जैसे अन्य भजनों को भी जरूर पढ़ें। इन भजनों के माध्यम से हम भगवान शिव की अद्वितीय शक्तियों और उनके आशीर्वाद का अनुभव कर सकते हैं।

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