दरस एक बार दिखाना रे शिव शंकर डमरू वाले लिरिक्स

दरस एक बार दिखाना रे शिव शंकर डमरू वाले भजन भगवान शिव से उनके दिव्य दर्शन की प्रार्थना करता है। इसमें भक्त भगवान शंकर से एक बार अपनी कृपा दृष्टि प्राप्त करने और उनके दर्शन का आशीर्वाद मांगते हैं। यह भजन शिव की महिमा, उनके शक्ति के प्रतीक डमरू और उनके अनंत गुणों को रेखांकित करता है।

Daras Ek Baar Dikhana Re Shiv Shankar Damaru Wale Lyrics

दरस एक बार दिखाना रे,
शिव शंकर डमरू वाले।।

इतना बताओ शम्भू मेरे,
तुमने कहाँ कहाँ डाले डेरे,
मुझे वो द्वार बताना रे,
शिव शंकर डमरू वाले,
दरश एक बार दिखाना रे,
शिव शंकर डमरू वाले।।

भोले कितने धाम तुम्हारे,
तुमको ढूंढ ढूंढ के हारे,
तेरा दरबार मिला ना रे,
शिव शंकर डमरू वाले,
दरश एक बार दिखाना रे,
शिव शंकर डमरू वाले।

विनती सुनो महाकालेश्वर,
दर्शन दे दो ओम्कारेश्वर,
तेरी मैं हुई दीवानी रे,
शिव शंकर डमरू वाले,
दरश एक बार दिखाना रे,
शिव शंकर डमरू वाले

कर दो किरपा काशीनाथ,
चित भूमि के बैदनाथ,
सोया भाग जगाना रे,
शिव शंकर डमरू वाले,
दरश एक बार दिखाना रे,
शिव शंकर डमरू वाले।।

मुझको बता दो श्री गणेश,
मिलेंगे कहाँ पे शिव नागेश,
मुझे उनसे मिलवाना रे,
शिव शंकर डमरू वाले,
दरश एक बार दिखाना रे,
शिव शंकर डमरू वाले।।

बारह शिवलिंगो के रूप,
मुझको दिखा दो सभी स्वरुप,
मुझे तेरा ही सहारा रे,
शिव शंकर डमरू वाले,
दरश एक बार दिखाना रे,
शिव शंकर डमरू वाले।।

दरस एक बार दिखाना रे,
शिव शंकर डमरू वाले।।

दरस एक बार दिखाना रे शिव शंकर डमरू वाले” भजन भगवान शिव से दिव्य दर्शन की विनती करता है, ताकि वे अपने भक्तों पर अपनी असीम कृपा बरसाएं। इस भजन के साथ-साथ शिव शंकर की महिमा, महाकाल की कृपा और भोलेनाथ की आराधना भजनों को भी पढ़ें और भगवान शिव के दिव्य स्वरूप और उनके डमरू की ध्वनि से आत्मिक उन्नति प्राप्त करें।

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