बाट निहारे घनश्याम नैना नीर भरे

जब भक्त का मन व्याकुल होता है और हृदय में श्री कृष्ण के दर्शन की प्रबल इच्छा उठती है, तब आंखें अश्रुपूर्ण होकर प्रभु की राह निहारती हैं। बाट निहारे घनश्याम नैना नीर भरे भजन उसी गहरी भक्ति और प्रेम का प्रतीक है, जिसमें एक भक्त अपने प्रिय ठाकुर के इंतजार में तड़पता है। यह भजन हमें प्रेम, समर्पण और धैर्य का संदेश देता है, क्योंकि प्रभु अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते।

Baat Nihare Ghanshyam Naina Nir Bhare

बाट निहारे घनश्याम,
नैना नीर भरे,
आस करे दिन रैन,
नैना नीर भरे,
बाट निहारें घनश्याम,
नैना नीर भरे।।

जोग ध्यान में चित नहीं लागे,
मन की पीर ही पल पल जागे,
रैन जगे अविराम,
नैना नीर भरे,
बाट निहारें घनश्याम,
नैना नीर भरे।।

बांके बिहारी कृष्ण कन्हाई,
काहे सखे सुध बुध बिसराई,
कब आओगे मेरे धाम,
नैना नीर भरे,
बाट निहारें घनश्याम,
नैना नीर भरे।।

पतित पावन मोहे शरण में लीजो,
नाथ सखा हरि दर्शन दीजो,
लगन लगी तेरे नाम,
नैना नीर भरे,
बाट निहारें घनश्याम,
नैना नीर भरे।।

बाट निहारे घनश्याम,
नैना नीर भरे,
आस करे दिन रैन,
नैना नीर भरे,
बाट निहारें घनश्याम,
नैना नीर भरे।।

श्री कृष्ण की भक्ति में तन्मय होने वाला हर भक्त उनके चरणों की ओर देखता है, यही सच्चा प्रेम और समर्पण है। “तेरा जब से किया दीदार सांवरे”, “विश्वास है तो सहारा मिलेगा”, “करले भरोसा श्याम पे प्यारे तेरा साथ निभाएगा” और “गले लगाकर आंसू पोछे बाबा इन हाथों को मैं ना भूलूंगा” जैसे भजन भी हमें इसी आध्यात्मिक प्रेम और श्रद्धा का अनुभव कराते हैं। आइए, इस भजन को पढ़ें और श्री कृष्ण की भक्ति में लीन हों। जय श्री कृष्ण!

Leave a comment