आके देखो हाल मेरा श्याम धणी प्रभुवर

जब जीवन के संघर्ष बढ़ जाते हैं और मन भारी हो जाता है, तब एक सच्चा भक्त अपने आराध्य के समक्ष अपना दुःख व्यक्त करता है। आके देखो हाल मेरा श्याम धणी प्रभुवर भजन उसी हृदयस्पर्शी पुकार को प्रकट करता है। यह भजन भक्त के आत्मसमर्पण और श्याम प्रभु के अटूट प्रेम का प्रतीक है। श्याम बाबा अपने भक्तों की पीड़ा को पहचानते हैं और हर संकट में उनका सहारा बनते हैं।

Aake Dekho Haal Mera Shyam Dhani Prabhuwar

आके देखो हाल मेरा,
श्याम धणी प्रभुवर,
जा रहा हूँ मैं फिसलता,
जैसे रेत पर,
जा रहा हूँ मैं फिसलता,
जैसे रेत पर।

इस जीवन का है मेरा सपना,
दास बनू मैं तेरा,
सब कुछ मैंने दाव पे रखा,
हो जाऊं बस तेरा,
और ना लो अब मेरी परीक्षा,
ओ मेरे दिलबर,
आ के देखों हाल मेरा,
श्याम धणी प्रभुवर,
जा रहा हूँ मैं फिसलता,
जैसे रेत पर।।

फस गया हूं मैं बीच भवर में,
तू पतवार उठा ले,
तेरे बिना मेरा और ना कोई,
आकर मुझे बचा ले,
मेरी तू भी ना लेगा तो फिर,
कौन लेगा खबर,
आ के देखों हाल मेरा,
श्याम धणी प्रभुवर,
जा रहा हूँ मैं फिसलता,
जैसे रेत पर।।

बीत रहा है पल पल मेरा,
कैसे श्याम तू जाने,
देने लगे है अब तो मुझको,
जग वाले भी ताने,
‘संजय’ को तुम गले लगा लो,
तुम पे है वो निर्भर,
आ के देखों हाल मेरा,
श्याम धणी प्रभुवर,
जा रहा हूँ मैं फिसलता,
जैसे रेत पर।।

आके देखो हाल मेरा,
श्याम धणी प्रभुवर,
जा रहा हूँ मैं फिसलता,
जैसे रेत पर,
जा रहा हूँ मैं फिसलता,
जैसे रेत पर।।

श्याम बाबा के दर पर जो भी सच्चे मन से अपनी व्यथा सुनाता है, उसकी झोली कृपा से भर जाती है। उनकी लीला अपरंपार है और उनकी दया असीम। “बाबा पे विश्वास होना चाहिए”, “श्याम पर कर भरोसा तू ये मुश्किल हल भी कर देगा”, “करले भरोसा श्याम पे प्यारे तेरा साथ निभाएगा” और “हारे के सहारे श्याम मुझे गले लगा लो ना” जैसे भजन भी हमें यही संदेश देते हैं कि श्याम बाबा अपने भक्तों का कभी साथ नहीं छोड़ते। आइए, इस भजन को पढ़ें और उनकी भक्ति में मग्न हों। जय श्री श्याम!

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