कन्हैया का दीदार करने आया तेरे द्वार भजन लिरिक्स

प्रिय भक्तों, आज मैं प्रस्तुत कर रहा हूँ भक्ति से ओतप्रोत भजन कन्हैया का दीदार करने आया तेरे द्वार जिसमें एक सच्चा भक्त अपने मन के भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन की व्याकुलता को प्रकट करता है। यह भजन हमें श्रीकृष्ण के प्रेममय रूप और उनके चरणों की शरण में जाने की प्रेरणा देता है। आइए, इस भजन को प्रेम और श्रद्धा से पढ़े और श्रीकृष्ण की भक्ति में मन को लगाएं।

Kanhaiya Ka Didar Karne Aaya Tere Dwar Bhajan Lyrics

कन्हैया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार

अलख जगा के जोगी,
आया तेरे द्वार,
आया तेरे द्वार मैया,
आया तेरे द्वार,
कन्हैंया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार।।

अंग विभूत गले रुण्ड माला,
डम डम डमरू बजाने वाला,
गले में सर्पो का है हार,
गले में सर्पो का है हार,
कन्हैंया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार।।

भिक्षा ले के निकली नंदरानी,
जोगी को देख के जी घबराए,
जोगी मेरो डर जाएगो लाल,
जोगी मेरो डर जाएगो लाल,
कन्हैंया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार।।

भिक्षा का मैं करके बहाना,
ये लाला को तूने नहीं पहचाना,
तू है भोली बड़ो तेरो भाग,
तू है भोली बड़ो तेरो भाग,
कन्हैंया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार।।

तेरा लाला है जग उजियारा,
सच्चिदानंद सबका रखवाला,
ये है भक्तो का भगवान,
ये है भक्तो का भगवान,
कन्हैंया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार।।

अलख जगा के जोगी,
आया तेरे द्वार,
आया तेरे द्वार मैया,
आया तेरे द्वार,
कन्हैया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार।।

“कन्हैया का दीदार करने आया तेरे द्वार” भजन हर उस भक्त के मन की व्यथा कहता है जो कृष्ण के दर्शन को जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानता है। यह भजन श्रीकृष्ण के प्रेम, करुणा और उनके दिव्य सौंदर्य का गुणगान करता है। इसे प्रेमपूर्वक करे या पढ़े, तो मन श्रीकृष्ण की भक्ति में मग्न हो जाता है। ऐसे ही भावमय भजनों के लिए आप “श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी”, “मुरली वाले का नाम जप ले”, “यशोदा के लाल की महिमा” और “वृंदावन के बांके बिहारी” भजनों को भी अवश्य पढ़े, जिससे आपकी भक्ति और भी प्रगाढ़ हो।


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