ताड़केश्वर का सुमिरन करो महाकाल का चिंतन करो

ताड़केश्वर का सुमिरन करो महाकाल का चिंतन करो पढ़ने जा रहे हैं, वह भगवान महाकाल की महिमा का गान करता है। यह भजन यह संदेश देता है कि महाकाल के चिंतन और ध्यान से हम जीवन की कठिनाइयों से उबर सकते हैं और भगवान शिव की अनंत कृपा प्राप्त कर सकते हैं। जब हम महाकाल के ध्यान में मग्न होते हैं, तो हमारे जीवन में शांति और सुख का वास होता है।

Tadkeshwar Ka Sumiran Karo Mahakal Ka Chintan Karo

ताड़केश्वर का सुमिरन करो,
महाकाल का चिंतन करो,
दुखड़ो को हर लेगा भोलानाथ ये,
खाली झोली भर देगा भोलानाथ ये।।

ताड़केश्वर के दर पे,
जो भी आकर के शीश झुकाए,
बाबा बड़ा है दयालु,
ये तो पल में ही मोहित हो जाए,
सुन लेगा अर्जी तेरी,
बड़ा महादानी है भोलानाथ ये,
बड़ा महादानी है भोलानाथ ये।।

भोलेनाथ की महिमा,
का पार किसी ने ना पाया,
‘अभिषेक’ कहे बाबा को,
मैं जो कुछ भी तुमने बनाया,
भोला है शंकर बड़ा,
और जटाधारी है भोलानाथ ये,
और जटाधारी है भोलानाथ ये।।

गौरी से ब्याह किया और,
वो तो गौरीशंकर कहाए,
अमृत पिया देवो ने,
विष पीने की बारी जो आए,
स्मरण किया भोले का,
विष को भी पी जाए भोलानाथ ये,
विष को भी पी जाए भोलानाथ ये।।

ताड़केश्वर का सुमिरन करो,
महाकाल का चिंतन करो,
दुखड़ो को हर लेगा भोलानाथ ये,
खाली झोली भर देगा भोलानाथ ये।।

“ताड़केश्वर का सुमिरन करो महाकाल का चिंतन करो” भजन में महाकाल के प्रति श्रद्धा और भक्ति का संगम है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि महाकाल के ध्यान से ही हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। जो व्यक्ति इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह भगवान महाकाल की कृपा से अपने जीवन की समस्याओं को पार कर सकता है और जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि की प्राप्ति कर सकता है। यदि आपको यह भजन पसंद आया हो, तो “महाकाल की कृपा से संसार चल रहा है”, “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए” और “शिव तुम कितने सुंदर हो” जैसे अन्य शिव भजनों को भी पढ़े। इन भजनों से आपकी भक्ति और भी प्रगाढ़ होगी।


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