आज हम जो भजन नांदीये पे हो के सवार भोले जी चले दुल्हा बनके पढ़ने जा रहे हैं, वह भगवान शिव के विवाह के अद्भुत दृश्य को दर्शाता है। इस भजन में भगवान शिव को दूल्हा बनते हुए और नंदी पर सवार होते हुए प्रस्तुत किया गया है। भगवान शिव का विवाह उनकी दिव्य और असीम महिमा को दर्शाता है, जो भक्तों के जीवन में सुख और शांति लाता है।
Nandiye Pe Ho Ke Sawar Bholaji Chale Dulha Banke Bhajan Lyrics
नान्दीेये पे हो के सवार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
खाकर धतूरा और भांग,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
नंदी पे हो के सवार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके।।
नन्दी का घूगरू छम छम बोले,
भोले का डमरु डम डम बोले,
नन्दी का घूगरू छम छम बोले,
भोले का डमरू डम डम बोले,
काँधे पे नाचे कालो नाग,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
नंदी पे हो के सवार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके।।
भांत भांत का देख बाराती,
सारे नगर में भगदड़ मची,
भांत भांत का देख बाराती,
सारे नगर में भगदड़ मची,
मच गयो हाहाकार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
नंदी पे हो के सवार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके।।
भोले का असली रूप जो देखी,
गौरा की माता भई अचेती,
भोले का असली रूप जो देखी,
गौरा की माता भई अचेती,
हाथा से छूट गयो थाल,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
नंदी पे हो के सवार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके।।
नारदजी उठ बोले माता,
है ये सारे जग के विधाता,
नारदजी उठ बोले माता,
है ये सारे जग के विधाता,
गवरा को खुल गयो भाग,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
नंदी पे हो के सवार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके।।
भोलाजी पहुंचे मंडप माई,
लगन की देखो हुई तैयारी,
भोलाजी पहुंचे मंडप माई,
लगन की देखो हुई तैयारी,
फेरे खाये गवरा के साथ,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
नंदी पे हो के सवार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके।।
नान्दीेये पे हो के सवार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके ,
खाकर धतूरा और भांग,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
भोलाजी चले दुल्हा बनके,
नंदी पे हो के सवार,
भोलाजी चले दुल्हा बनके।।
“नांदीये पे हो के सवार भोले जी चले दुल्हा बनके” भजन भगवान शिव के विवाह की दिव्यता को प्रकट करता है और हमें शिव के साथ अपने संबंध को और गहरा करने की प्रेरणा देता है। जब हम भगवान शिव के प्रेम और भक्ति में डूब जाते हैं, तो उनका आशीर्वाद हमें जीवन में सफलता और शांति प्रदान करता है। जो भी इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह भगवान शिव की कृपा से जीवन में अनंत सुख और आशीर्वाद पाएगा। यदि यह भजन आपके दिल को शांति और संतोष प्रदान करता है, तो “शिव शंभू तेरी महिमा न्यारी”, “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “भोले तेरे द्वार का दीवाना” और “महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए” जैसे अन्य शिव भजनों को भी पढ़े। ये भजन आपकी शिव भक्ति को और गहरा और सशक्त बनाएंगे।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile