मगन हो करके शिव शंकर मधुर डमरू बजाते हैं पढ़ने जा रहे हैं, वह भगवान शिव के ध्यानमग्न रूप और उनके अनंत कृपालु स्वरूप को दर्शाता है। इस भजन में भगवान शिव के डमरू की ध्वनि और उनके मधुर संगीत का वर्णन किया गया है। शिव जी का यह रूप शांति, तपस्या और संतुलन का प्रतीक है।
Magan Ho Karke Shiv Shankar Madhur Damaru Bajate Hai Lyrics
मगन हो करके शिव शंकर,
मधुर डमरू बजाते है,
ये जब मस्ती में आते है,
तभी डमरू बजाते है,
ये जब डमरू बजाते है,
सकल श्रष्टि नचाते है,
कभी नटराज बनकर के,
भोले डमरू बजाते है,
मगन हों करके शिव शंकर,
मधुर डमरू बजाते है।।
सती ने प्राण जब त्यागे,
दक्ष के यज्ञ में जाकर,
वियोगी हो गए भोले,
सती की ये ख़बर पाकर,
रौद्र डमरू बजाकर शिव,
महा तांडव मचाते है,
मगन हों करके शिव शंकर,
मधुर डमरू बजाते है।।
बजाया एक दिन डमरू,
हिमाचल राजा के दर पर,
मेरे भोले बने दूल्हा,
चले नंदी पे जब चढ़कर,
वहां डमरू की तानो पर,
ये भूतो को नचाते है,
मगन हों करके शिव शंकर,
मधुर डमरू बजाते है।।
बजाया एक दिन डमरू,
श्री दशरथ जी के द्वारे पर,
राम के दरश की इच्छा,
लिए पहुंचे वहां शंकर,
वहां डमरू बजाकर शिव,
ये हनुमत को नचाते है,
मगन हों करके शिव शंकर,
मधुर डमरू बजाते है।।
धरे शिव रूप जोगी का,
नन्द द्वारे पर जब आए,
यशोदा माँ ने कान्हा के,
नहीं जब दर्श करवाए,
बजाकर शिव वहां डमरू,
कन्हैया को रिझाते है,
मगन हों करके शिव शंकर,
मधुर डमरू बजाते है।।
मगन हो करके शिव शंकर,
मधुर डमरू बजाते है,
ये जब मस्ती में आते है,
तभी डमरू बजाते है,
ये जब डमरू बजाते है,
सकल श्रष्टि नचाते है,
कभी नटराज बनकर के,
भोले डमरू बजाते है,
मगन हों करके शिव शंकर,
मधुर डमरू बजाते है।।
“मगन हो करके शिव शंकर मधुर डमरू बजाते हैं” भजन भगवान शिव की महिमा, उनकी शक्ति और उनकी कृपा का प्रतीक है। इस भजन के माध्यम से हम भगवान शिव से यह प्रार्थना करते हैं कि वह हमें भी अपने मधुर डमरू की ध्वनि से आशीर्वादित करें और हमारे जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भर दें। जो भी इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह भगवान शिव की कृपा से जीवन के कठिन मार्गों को सरल बना सकता है। यदि यह भजन आपके दिल को शांति और संतोष प्रदान करता है, तो “शिव शंभू तेरी महिमा न्यारी”, “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “भोले तेरे द्वार का दीवाना” और “महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए” जैसे अन्य शिव भजनों को भी पढ़ें। ये भजन आपकी शिव भक्ति को और गहरा और सशक्त बनाएंगे।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile