उज्जैन के राजा कभी किरपा नजरिया दुखिया पे डालना रे पढ़ने जा रहे हैं, वह भगवान महाकाल की असीम कृपा और दया को व्यक्त करता है। इस भजन में भगवान महाकाल से प्रार्थना की जाती है कि वह अपनी कृपा दृष्टि दुखियों पर डालें और उनके जीवन को रोशन करें। भगवान महाकाल का दृष्टिकोण हमेशा अपने भक्तों के कल्याण की ओर होता है, और इस भजन में हम उसी कृपा का आह्वान कर रहे हैं।
Ujjain Ke Raja Kabhi Kirpa Najariya Dukhiya Pe Dalana Re Lyrics
दोहा-
अकाल मृत्यु वो मरे,
जो काम करे चांडाल का,
और काल उसका क्या बिगाड़े,
जो भगत हो महाकाल का।
उज्जैन के राजा कभी किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे,
उज्जैंन के राजा कभी किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे,
राजा महाराजा कभी किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे।।
पार्वती पति शिवजी है प्यारे,
कैलाश पर मेरे भोले विराजे,
मेरे भोले विराजे,
मनकामनेश्वर बाबा मन की मुरादे,
महाकालेश्वर बाबा मन की मुरादे,
झोली में डालना रे,
उज्जैंन के राजा कभी किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे।।
नैनो में ज्वाला आँखों में ज्वाला,
जटा में गंगा पहने मृगछाला,
भोले पहने मृगछाला,
खुलती है जब उनकी तीसरी वो अँखियाँ,
खुलती है जब उनकी तीसरी वो अँखियाँ,
तांडव कर डालना रे,
उज्जैंन के राजा कभी किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे।।
पीते है प्याले भर भर के भंगिया,
लगाए दम भोले दिन और रतियाँ,
भोले दिन और रतियाँ,
बाबा तेरा भक्त हूँ मैं बहुत दीवाना,
‘किशन भगत’ है बाबा तेरा दीवाना,
किरपा कर डालना रे,
उज्जैंन के राजा कभी किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे।।
उज्जैन के राजा कभी किरपा नजरीया,
दुखिया पे डालना रे,
उज्जैंन के राजा कभी किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे,
राजा महाराजा कभी किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे।।
“उज्जैन के राजा कभी किरपा नजरिया दुखिया पे डालना रे” भजन हमें यह सिखाता है कि भगवान महाकाल अपने भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं और उनके कष्टों को दूर करते हैं। जो भी इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह भगवान महाकाल के आशीर्वाद से अपने जीवन को सुंदर बना सकता है। यदि यह भजन आपके दिल को शांति और संतोष प्रदान करता है, तो “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “महाकाल से मिलने चला सवारी वाला”, “भोले जी तेरे द्वार का दीवाना” और “शिव शंभू तेरी महिमा न्यारी” जैसे अन्य महाकाल भजनों को भी पढ़ें। ये भजन आपकी महाकाल भक्ति को और गहरा और सशक्त बनाएंगे।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile