हो जो नजरे करम आपकी फिर नहीं डर है संसार की

हो जो नजरे करम आपकी फिर नहीं डर है संसार की पढ़ने जा रहे हैं, वह भगवान शिव की कृपा की शक्ति को प्रदर्शित करता है। इस भजन में भक्त भगवान शिव से अपनी कृपादृष्टि प्राप्त करने की कामना करता है और विश्वास करता है कि जब भगवान शिव की कृपा उस पर होगी, तो संसार के सभी भय समाप्त हो जाएंगे।

Ho Jo Najare Karam Aapki Phir Nahi Dar Hai Sansar Ki

हो जो नजरे करम आपकी,
फिर नहीं डर है संसार की,
एक नजर दास पर हो कभी,
एक नजर दास पर हो कभी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी।।

कोई दाता है तुझसा नहीं,
दिन मुझसा है कोई नहीं,
अब तो तेरे सिवा इस जहाँ में,
है किसी पर भरोसा नही,
तेरे हाथों में है जिन्दगी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी।।

चाहे कितना भी करके जतन,
कोई भी साथ जाता नहीं,
मौत जब सामने होगी तेरे,
कोई भी रोक पाता नहीं,
गर हो सच्ची तेरी बंदगी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी।।

कल पे बातों ना छोड़ो ‘फणि’,
कल पे कुछ जोर चलता नहीं,
वक्त से पहले किस्मत से ज्यादा,
माँगने पे भी मिलता नहीं,
है ये जीवन बड़ा कीमती,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी।।

हो जो नजरे करम आपकी,
फिर नहीं डर है संसार की,
एक नजर दास पर हो कभी,
एक नजर दास पर हो कभी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी।।

“हो जो नजरे करम आपकी फिर नहीं डर है संसार की” भजन हमें यह सिखाता है कि भगवान शिव की कृपादृष्टि से हम संसार के किसी भी भय से मुक्त हो सकते हैं। जो भी इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह भगवान शिव की अनंत कृपा और आशीर्वाद से निहाल होता है। यदि यह भजन आपके दिल को शांति और संतोष प्रदान करता है, तो “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “महाकाल से मिलने चला सवारी वाला”, “भोले जी तेरे द्वार का दीवाना” और “शिव शंभू तेरी महिमा न्यारी” जैसे अन्य शिव भजनों को भी पढ़ें। ये भजन आपकी शिव भक्ति को और गहरा और सशक्त बनाएंगे।


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