दरश करो शिव जी के करो शुभ दिन जिन्दगी के

Darash Karo Shiv Ji ke Karo Shubh Din Zindagi Ke

दरश करो शिव जी के,
करो शुभ दिन जिन्दगी के,
दूर करो ग़म जी के,
मिले सारे सुख धरती के।।

मुण्डों की माला रमाये भोला गरवा,
भष्मी रमाये बहे गंगा सिर मा,
काले नाग हो ऊपर नीचे,
समय हो शुभ सभी के,
दूर करो ग़म जी के,
मिले सारे सुख धरती के।।

फूलों की माला से शिव को सजईबे,
चावल चन्दन और भंगिया चढ़ईबे,
लड्डू चढ़इबे देसी घी के,
करो शुभ दीन ज़िन्दगी के,
दूर करो ग़म जी के,
मिले सारे सुख धरती के।।

बेल पत्र दुर्बा और समी पत्र लइबे,
करिबे पूजा शिवा शिव को मनइबे,
जल से नहुअइबे जान्हवी के,
मिले सारे सुख धरती के,
दूर करो ग़म जी के,
मिले सारे सुख धरती के।।

दरश करो शिव जी के,
करो शुभ दिन जिन्दगी के,
दूर करो ग़म जी के,
मिले सारे सुख धरती के।।

“दरश करो शिव जी के करो शुभ दिन जिन्दगी के” भजन हमें यह सिखाता है कि जब हम शिव जी के दर्शन के लिए तत्पर रहते हैं, तब हमारे जीवन में हर दिन सुख, शांति और आशीर्वाद की बौछार होती है। जो भी इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह निश्चित ही शिवजी की कृपा प्राप्त करता है। यदि यह भजन आपके मन को प्रेरित करता है, तो “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “महाकाल से मिलने चला सवारी वाला”, “भोले जी तेरे द्वार का दीवाना” और “शिव शंभू तेरी महिमा न्यारी” जैसे अन्य शिव भजनों को भी पढ़ें। ये भजन आपके हृदय में शिव भक्ति को और प्रगाढ़ करेंगे।


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