साईं बाबा आरती एक पवित्र भक्ति गीत है जो श्रद्धालु उनके प्रति अपनी आस्था और प्रेम प्रकट करने के लिए गाते हैं। इस आरती के माध्यम से भक्तों का मन शांति और आध्यात्मिक आनंद से भर जाता है। सही विधि और श्रद्धा के साथ की गई Sai Baba Aarti, हमारे मन और आत्मा को सशक्त बनाती है। यहां हमने आपके लिए सम्पूर्ण Sai Baba Aarti Lyrics को उपलब्ध कराया है-
Sai Baba Aarti
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे,
भक्तजनों के कारण, उनके कष्ट निवारण।
शिरडी में अवतरे, ॐ जय साईं हरे
ॐ जय…
दुखियन के सब कष्टन काजे, शिरडी में प्रभु आप विराजे,
फूलों की गल माला राजे, कफनी, शैला सुन्दर साजे।
कारज सब के करें, ॐ जय साईं हरे
ॐ जय…
काकड़ आरत भक्तन गावें, गुरु शयन को चावड़ी जावें,
सब रोगों को उदी भगावे, गुरु फकीरा हमको भावे।
भक्तन भक्ति करें, ॐ जय साईं हरे
ॐ जय…
हिन्दु मुस्लिम सिक्ख इसाईं, बौद्ध जैन सब भाई भाई,
रक्षा करते बाबा साईं, शरण गहे जब द्वारिकामाई।
अविरल धूनि जरे, ॐ जय साईं हरे
ॐ जय…
भक्तों में प्रिय शामा भावे, हेमडजी से चरित लिखावे,
गुरुवार की संध्या आवे, शिव, साईं के दोहे गावे।
अंखियन प्रेम झरे, ॐ जय साईं हरे
ॐ जय…
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे,
शिरडी साईं हरे, बाबा ॐ जय साईं हरे,
श्री सद्गुरु साईंनाथ महाराज की जय।

यदि आप साईं बाबा की भक्ति में और गहराई चाहते हैं तो आप साईं बाबा आरती के साथ साथ हमारी Sai Baba Dhoop Aarti Lyrics और Shej Aarti Sai Baba Lyrics जरूर पढ़ें। साथ ही, हमारे Sai Baba Stotram पर भी विस्तृत लेख उपलब्ध हैं। Sai Baba Ki Aarti के अलावा, इन भक्ति साधनों से आपकी श्रद्धा और भी प्रगाढ़ होगी।
Aarti Sai Baba Ki कैसे करें ?
साईं बाबा की आरती एक पवित्र और श्रद्धापूर्वक की जाने वाली साधना है, जिससे भक्त अपने हृदय की भक्ति और प्रेम को प्रकट करते हैं। इसे करने से पहले मन को एकाग्र और शुद्ध रखना अत्यंत आवश्यक होता है।
- समय: आरती दिन में दो बार करना सबसे शुभ माना जाता है, सुबह के प्रातःकाल और शाम के संध्या समय। ये दोनों समय शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरे होते हैं।
- आरती सामग्री: आरती के लिए आवश्यक सामग्री में एक छोटा दीपक (दीया या मोमबत्ती), ताजा फूल, धूप (अगरबत्ती या कपूर), और मिठाई शामिल होती है।
- आरती: सबसे पहले साईं बाबा की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। मन में पूरी श्रद्धा और भक्ति का भाव लेकर दीपक को धीरे-धीरे घुमाते हुए आरती का आरंभ करें।
- आरती गान: आरती के दौरान साईं बाबा के आरती गीत गाना अथवा सुनना चाहिए। इससे मन की एकाग्रता बढ़ती है और भक्ति की ऊर्जा फैलती है। आप Sai Baba Aarti के पारंपरिक श्लोकों का उच्चारण भी कर सकते हैं।
- फूल और प्रसाद: आरती के बीच में ताजे फूल साईं बाबा के चरणों में अर्पित करें। इसके साथ ही मिठाई या कोई प्रसाद भी चढ़ाया जाता है, जो भक्ति और समर्पण का प्रतीक होता है।
- समापन: आरती पूरी होने के बाद हाथ जोड़कर साईं बाबा से आशीर्वाद लें और मन में उनसे अपने जीवन के लिए मार्गदर्शन और शांति की कामना करें। यह समय ध्यान और प्रार्थना का होता है।
इस प्रकार नियमित रूप से आरती करने से आपका मन शांत और सकारात्मकता से युक्त रहेगा जिससे आप हर परिस्थिति का सामना आसानी से कर सकते है और हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते है।
FAQ
गुरुवार को साईं बाबा की आरती और पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
यह मानसिक शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।
जी हाँ, श्रद्धा और भक्ति के साथ आप घर पर अकेले भी आरती कर सकते हैं।
आरती के बाद “ॐ साईं नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।