माँ शेरावाली की कृपा दृष्टि जिस पर पड़ जाती है, उसके जीवन से सारे दुःख-दर्द समाप्त हो जाते हैं और वह भक्ति और आनंद के सागर में डूब जाता है। “माँ शेरावाली मैया किरपा नजरिया” भजन माँ की इसी दयालुता और कृपा का गुणगान करता है। जब भक्त सच्चे मन से माँ को पुकारता है, तो माँ शेरावाली अपने भक्तों की झोली खुशियों से भर देती हैं। यह भजन माँ से करुणा और आशीर्वाद की विनती करता है, ताकि हर भक्त का जीवन सुख-समृद्धि से परिपूर्ण हो जाए।
Maa Sherawali Maiya Kirpa Najariya
दोहा –
अरज करूँ देवासिनी,
मैं भेंट धरूँ ना कोई,
किरपा करो माँ भवानी,
तो बाल ना बांका होय।
तुलजा भवानी मैया किरपा नजरिया,
माँ शेरोवाली मैया किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे, माँ शेरोवाली,
तुलजा भवानी मैया किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे,
माँ शेरोवाली मैया किरपा नजरिया,
चामुंडा रानी मैया किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे, माँ शेरोवाली।।
ऊँचा पर्वत भवन निराला,
प्यारा लागे मोरी मैया का द्वारा,
देवास वाली मैया खुशियों से सबकी,
झोली भर डालना रे,
तुलजा भवानी मैया किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे,
माँ शेरोवाली मैया किरपा नजरिया,
चामुंडा रानी मैया किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे, माँ शेरोवाली।।
दुष्टो का नाश करे माँ शेरावाली,
कष्ट हरे मैया तुलजा भवानी,
नैनो में ज्वाला है गले मुंडमाला,
देखो माँ कलिका रे, माँ शेरोवाली,
तुलजा भवानी मैया किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे,
माँ शेरोवाली मैया किरपा नजरिया,
चामुंडा रानी मैया किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे, माँ शेरोवाली।।
सर्वमंगल मांगल्ये,
शिवे सवार्थ साधिके,
शरण्येत्र्यंबके गौरी,
नारायणी नमोस्तुते।।
तुलजा भवानी मैया किरपा नजरिया,
माँ शेरावाली मैया किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे, माँ शेरोवाली,
तुलजा भवानी मैया किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे,
माँ शेरोवाली मैया किरपा नजरिया,
चामुंडा रानी मैया किरपा नजरिया,
दुखिया पे डालना रे, माँ शेरोवाली।।
Singer & Lyrics – Nitin Bagwan
माँ शेरावाली की कृपा जिस पर होती है, उसका जीवन मंगलमय हो जाता है और हर कठिनाई दूर हो जाती है। माँ की भक्ति से हमें शक्ति, साहस और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। यदि यह भजन आपके मन में भक्ति भाव जागृत कर दे, तो मैया आरासुरी करजो आशा पूरी म्हारी जैसे अन्य माँ दुर्गा के भजन भी आपकी श्रद्धा को और प्रगाढ़ कर सकते हैं। माँ शेरावाली की कृपा हम सभी पर बनी रहे! जय माता दी! ????

मैं हेमानंद शास्त्री, एक साधारण भक्त और सनातन धर्म का सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता के रहस्यों को सरल भाषा में भक्तों तक पहुँचाना है। शनि देव, बालाजी, हनुमान जी, शिव जी, श्री कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का वर्णन करना मेरे लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का सार भक्तों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। जय सनातन धर्म