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बार बार आए जाए दुनिया मे प्राणी भजन लिरिक्स

यह संसार एक चक्र की तरह है, जहाँ जीव बार-बार जन्म और मरण के बंधनों में बंधा रहता है। बार बार आए जाए दुनिया मे प्राणी भजन लिरिक्स भजन इसी सत्य को उजागर करता है और यह समझाने का प्रयास करता है कि केवल सतगुरु की शरण में जाने से ही इस चक्र से मुक्ति मिल सकती है। जो भी आत्मा सत्य का मार्ग अपनाती है, वही इस मोह-माया से पार हो पाती है।

Baar Baar Aaye Jaye Duniya Me Prani Bhajan Lyrics

बार बार आए जाए,
दुनिया मे प्राणी,
हरि के भजन बिन,
क्या है जिन्दगानी।।

कितनी सज़ाऐ तूने,
नर्क मे पाई,
फिर भी गुरु की तुझे,
याद न आई,
फिर भी गुरू की तुझे,
याद न आई,
याद न आई काहे,
सुध बिसरानी।
बार बार आए जाये,
दुनिया मे प्राणी,
हरि के भजन बिन,
क्या है जिन्दगानी।।

जप तप ना कभी,
दान किया है,
झूठा बस अभि,
मान किया है,
झूठा बस अभि,
मान किया है,
की है मनमानी पर,
गुरू की न मानी।
बार बार आए जाये,
दुनिया मे प्राणी,
हरि के भजन बिन,
क्या है जिन्दगानी।।

दुनिया आया है तो,
जाएगा इक दिन,
समय न गँवाना जग मे,
प्राणी भजन बिन,
समय न गँवाना जग मे,
प्राणी भजन बिन,
फिर पछिताएगा जो,
कदर न जानी।
बार बार आए जाये,
दुनिया मे प्राणी,
हरि के भजन बिन,
क्या है जिन्दगानी।।

बार बार आए जाए,
दुनिया मे प्राणी,
हरि के भजन बिन,
क्या है जिन्दगानी।।

संसार की अस्थिरता को समझकर यदि हम सतगुरु की शरण में आ जाएँ, तो यह जीवन सार्थक हो जाएगा। आगे “धीरे-धीरे बीती जाए उमर भव तरने का जतन तू कर”, “तेरी नौका में जो बैठा वो पार हो गया गुरुदेव”, “चार दिन का डेरा प्राणी जग में हमारा” और “स्वाँस बीती जाए उमर बीती जाए” भजनों को पढ़ें और आध्यात्मिक राह पर आगे बढ़ें।









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