मेरा कोई ना सहारा बिन तेरे गुरुदेव सांवरिया मेरे भजन लिरिक्स

“मेरा कोई ना सहारा बिन तेरे गुरुदेव सांवरिया मेरे” भजन गुरु भक्ति और पूर्ण समर्पण का सुंदर चित्रण करता है। जब जीवन में सारे सहारे छूट जाते हैं, तब केवल गुरुदेव ही हमारी नैया पार लगाते हैं। यह भजन हमें विश्वास और श्रद्धा की शक्ति का अनुभव कराता है।

Mera Koi Na Sahara Bin Tere Gurudev Sawariya Mere Bhajan Lyrics

मेरा कोई ना सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे।।

तेरे बिना मेरा है कौन यहाँ,
प्रभु तुम्हे छोड़ मैं जाऊँ कहाँ,
मैं तो आन पड़ा हूँ दर तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे।।

मैंने जनम लिया जग में आया,
तेरी कृपा से ये नर तन पाया,
तूने किये उपकार घनेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे।।

मेरे नैना कब से तरस रहे,
सावन भादो है बरस रहे,
अब छाए घनघोर अँधेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे।।

प्रभु आ जाओ प्रभु आ जाओ,
अब और ना मुझको तरसाओ,
काटो जनम मरण के फेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे।।

जिस दिन से दुनिया में आया,
मैंने पल भर चैन नहीं पाया,
सहे कष्ट पे कष्ट घनेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे।।

मेरा सच्चा मारग छूट गया,
मुझे पांच लुटेरों ने लूट लिया,
मैंने यतन किये बहुतेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे।।

मेरे सारे सहारे छूट गए,
तुम भी गुरु मुझसे रूठ गए,
आओ करने दूर अँधेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे।।

मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे,
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,
गुरुदेव सांवरिया मेरे।।

गुरुदेव की कृपा ही भक्त के जीवन की सबसे बड़ी निधि होती है। “मेरा कोई ना सहारा बिन तेरे गुरुदेव सांवरिया मेरे” भजन हमें यह सीख देता है कि अगर गुरु का सहारा मिल जाए, तो जीवन की हर मुश्किल आसान हो जाती है। अन्य प्रेरणादायक गुरु भजनों को पढ़ें, जैसे “गुरुदेव तुम्हारे चरणों में बैकुंठ का वास लगे मुझको”, “तेरे चरणों में सतगुरु मेरी प्रीत हो”, “सारे तीरथ धाम आपके चरणों में गुरुदेव” और “गुरुदेव के चरणों की गर धूल जो मिल जाए”।









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