गुरु से लगन कठिन है भाई गुरुदेव भजन लिरिक्स

गुरु से सच्ची लगन लगाना सरल नहीं है, क्योंकि यह त्याग, समर्पण और दृढ़ विश्वास की राह है। जो भी इस मार्ग पर चलता है, उसे हर परीक्षा में खरा उतरना होता है, लेकिन अंततः गुरु कृपा से उसे आध्यात्मिक ऊंचाइयां प्राप्त होती हैं। “गुरु से लगन कठिन है भाई” भजन इसी सत्य को उजागर करता है कि सच्ची भक्ति में कठिनाइयाँ आती हैं, लेकिन जो दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ता है, वह गुरु कृपा का पात्र बनता है। आइए, इस भजन के माध्यम से गुरु भक्ति की गहराई को अनुभव करें।

Guru Se Lagan Kathin Hai Bhai

गुरु से लगन कठिन है भाई,
लगन लगाया बिना काज नहीं सरिये,
जीव प्रलय होय जाई,
गुरु से लगन कठिंन है भाई।।

स्वाति बूँद को रटे पपैया,
पिया पिया रट लाई,
प्यासे प्राण जात है अब ही,
और नीर नहीं भायी,
गुरु से लगन कठिंन है भाई।।

तज घर बार सती होय निकली,
सत करण को जाई,
पावक देख डरे नहीं तनिको,
कूद पड़े हर्षाई,
गुरु से लगन कठिंन है भाई।।

मिर्गो नाद शब्द को भेदी,
शब्द सुण न को जाई,
सोही शब्द सुण प्राण त्याग दे,
मन मे डर नहीं लाई,
गुरु से लगन कठिंन है भाई।।

दो दळ आय लड़े भूमि,
पर सूरा लेत लड़ाई,
टूक टूक होय पड़े धरण पर,
वे खेत छोड़ नहीं जाई,
गुरु से लगन कठिंन है भाई।।

छोड़ो अपने तन की आशा,
हो निर्भय गुण गाई,
कहत कबीर सुणो भाई साधो,
सहजो मिले गुसाँई,
गुरु से लगन कठिंन है भाई।।

गुरु से लगन कठिन है भाई,
लगन लगाया बिना काज नहीं सरिये,
जीव प्रलय होय जाई,
गुरु से लगन कठिंन है भाई।।

गुरु भक्ति का मार्ग कठिन अवश्य है, लेकिन जो इस पर अडिग रहता है, वह सच्चे आनंद और मोक्ष को प्राप्त करता है। “गुरु से लगन कठिन है भाई” भजन हमें यह सिखाता है कि धैर्य और समर्पण ही गुरु की कृपा पाने की कुंजी है। ऐसे ही अन्य भक्तिपूर्ण भजनों जैसे “गुरु चरणों की महिमा अपार”, “गुरु बिना जीवन अधूरा”, “गुरु वाणी का प्रकाश”, और “गुरु कृपा से जीवन सफल” को पढ़ें और अपने जीवन को गुरु भक्ति से सराबोर करें। 🙏

Leave a comment