मात पिता गुरु प्रभु चरणों में धर ले मनवा ध्यान लिरिक्स

जीवन में सच्ची शांति और मोक्ष प्राप्त करने के लिए माता-पिता, गुरु और प्रभु के चरणों में ध्यान लगाना अत्यंत आवश्यक है। जब मन पूर्ण समर्पण के साथ इन पावन चरणों में टिक जाता है, तब हर दुख और मोह मिट जाता है। “मात पिता गुरु प्रभु चरणों में धर ले मनवा ध्यान” भजन हमें यही सिखाता है कि भक्ति, श्रद्धा और समर्पण से ही जीवन में सच्ची सफलता और आध्यात्मिक उन्नति संभव है। आइए, इस भजन के माध्यम से इस दिव्य संदेश को आत्मसात करें।

Maat Pita Guru Prabhu Charno Me Le Manva Dhyan

मात पिता गुरु प्रभु चरणों में,
धर ले मनवा ध्यान,
इन्ही से है अपना कल्याण,
इन्ही से है अपना कल्याण,
मन मन्दिर में इन्हें बिठाकर,
देखो विश्व महान,
इन्हीं से है अपना कल्याण,
इन्हीं से है अपना कल्याण।।

मात पिता की भक्ति करके,
प्रथम पूज्य भये गौरीनंदन,
पुण्डलीक प्रह्लाद श्रवण ध्रुव,
चरणों में करते थे वन्दन,
आज्ञा माने पुरुषोत्तम श्री,
रामचन्द्र भगवान,
इन्हीं से है अपना कल्याण,
इन्हीं से है अपना कल्याण।।

सद्गुरु सच्ची राह दिखाके,
भवसागर से पार कराये,
भक्तों पर ये किरपा करके,
प्रभु मिलन की राह बताये,
बिना गुरु के मुक्ति नहीं है,
जानै सकल जहाँन,
इन्हीं से है अपना कल्याण,
इन्हीं से है अपना कल्याण।।

लख चौरासी भटक-भटक कर,
प्रभु कृपा से नर तन पाया,
काम क्रोध मद लोभ मोह ने,
इस भोले मन को भरमाया,
“परशुराम” सत रज तम तन को,
अर्पण कर नादान,
इन्हीं से है अपना कल्याण,
इन्हीं से है अपना कल्याण।।

मात पिता गुरु प्रभु चरणों में,
धर ले मनवा ध्यान,
इन्ही से है अपना कल्याण,
इन्ही से है अपना कल्याण,
मन मन्दिर में इन्हें बिठाकर,
देखो विश्व महान,
इन्हीं से है अपना कल्याण,
इन्हीं से है अपना कल्याण।।

गुरु, माता-पिता और प्रभु के चरणों में ध्यान लगाना ही सच्चा धर्म और जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है। “मात पिता गुरु प्रभु चरणों में धर ले मनवा ध्यान” भजन हमें प्रेरित करता है कि हम अपनी भक्ति को और अधिक गहरा करें और अपने जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाएं। ऐसे ही अन्य भक्तिपूर्ण भजनों जैसे “गुरु चरणों की महिमा अपार”, “गुरु बिना जीवन अधूरा”, “गुरु वाणी का प्रकाश”, और “गुरु कृपा से जीवन सफल” को पढ़ें और अपनी आत्मा को भक्ति में लीन करें। ????

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