बेड़ा बने ला गुरूजी बन्दे पापीदा गुरूजी भजन

भक्ति का सागर अनंत है, और उसमें डुबकी लगाने का सबसे उत्तम साधन है गुरु भजनों का स्मरण। जब हम गुरु देव जी की कृपा का चिंतन करते हैं, तो आत्मा निर्मल होती है और जीवन के सारे संदेह दूर हो जाते हैं। “बेड़ा बने ला गुरूजी, बन्दे पापीदा गुरूजी” भजन भी इसी आध्यात्मिक सत्य को प्रकट करता है। यह भजन हमें बताता है कि गुरु देव जी कैसे हमारे जीवन रूपी बेड़े को भवसागर से पार कराते हैं और हमें मोक्ष के पथ पर अग्रसर करते हैं। आइए, इस पवित्र भजन का आत्मसात करें और अपने भीतर भक्ति भाव जागृत करें।

Beda Bane La Guruji Bande Papida

मैं दर तेरे आ बेगया हाँ,
हर दुख मैं हस के सेहेग्या हाँ,
हूण करदो कोई चारा गुरू जी,
जिंद कलापी दा,
बेड़ा बने ला गुरूजी बन्दे पापीदा,
बेडा बने ला दातिया बन्दे पापी दा।।

तुसी डूबदे तारे लखां ने,
थोड़ा मेरे ते भी कर्म करो,
मेरा दे सीटे मारो जी,
मेरे सिर ते गुरू जी हथ धरो,
हो ना जाये बरका लेदा,
मेरी कापी दा,
बेडा बने ला गुरूजी बन्दे पापीदा,
बेडा बने ला दातिया बन्दे पापी दा।।

बचपन तों गुरू जी दुखाँ ने,
मेरे घर डेरा लाया है,
सब रिश्ते नाते झूठे ने,
पर किसे ना दरद बटाया है,
हूण तु हीं पेरेदार गुरूजी,
मेरी राखी दा,
बेडा बने ला गुरूजी बन्दे पापीदा,
बेडा बने ला दातिया बन्दे पापी दा।।

हूण दास गुरू जी ‘चहल’ तेरा,
तेरे चरनी डेरा लालेगा,
थोड़ी करदो किरपा सत गुर जी,
तेरी सेवा का फल पा लेगा,
तेरी किरपा हो जाये कूस नी,
लेणा बाकी दा,
बेडा बने ला गुरूजी बन्दे पापीदा,
बेडा बने ला दातिया बन्दे पापी दा।।

मैं दर तेरे आ बेगया हाँ,
हर दुख मैं हस के सेहेग्या हाँ,
हूण करदो कोई चारा गुरू जी,
जिंद कलापी दा,
बेड़ा बने ला गुरूजी बन्दे पापीदा,
बेडा बने ला दातिया बन्दे पापी दा।।

गुरु देव जी के भजन केवल गीत नहीं, बल्कि आत्मा को पावन करने वाले अमृत समान हैं। “बेड़ा बने ला गुरूजी, बन्दे पापीदा गुरूजी” भजन हमें दिखाता है कि गुरु की कृपा से सबसे बड़ा पापी भी सद्गति पा सकता है। ऐसे ही अन्य दिव्य भजनों जैसे “गुरु बिन जीवन अधूरा”, “गुरु की महिमा अपार”, “गुरु चरणों में निवास”, और “गुरु कृपा से सब संभव” को पढ़ें और अपने जीवन में गुरु भक्ति का संचार करें। गुरु देव जी की महिमा अपरंपार है, उनका स्मरण सदा हमें सन्मार्ग पर ले जाए! ????









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