गुरुदेव की कृपा और उनके दिए हुए आशीर्वाद से बढ़कर इस संसार में कुछ भी नहीं। “तू देंदा रह मेरे दातेया मैं खावा तेरे नाम दा” भजन भक्त के उस अटूट विश्वास को प्रकट करता है, जहाँ वह हर सुख-दुःख में अपने गुरुदेव की दी हुई नेमतों को ही अपना सर्वस्व मानता है। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति वही है, जहाँ भक्त केवल गुरुदेव के नाम का ही अन्न ग्रहण करे और उसी में संतोष पाए।
Tu Denda Rah Mere Dateya Mai Khava Tere Naam Da Lyrics
तू देंदा रह मेरे दातेया,
मैं खावा तेरे नाम दा,
मैं खावां तेरे नाम दा,
गुण गांवां तेरे नाम दा।
मिले जे कुझ वी मैनु दाता,
वंड के सदा मैं खावा,
दीन दुखी दी करा मैं सेवा,
सबदा दर्द वंडावाँ,
दिल विच कदे गुमान ना आवे,
शोहरत दे अभिमान दा,
तू देंदा रह मेरें दातेया,
मैं खावा तेरे नाम दा।।
करा नाम दी नेक कमाई,
अपने भाग जगावा,
जपा तेरा ऐ नाम सदा,
मैं तेरा ही बन जावा,
झूठी इस दुनिया दे अंदर,
सहारा तेरे नाम दा,
तू देंदा रह मेरें दातेया,
मैं खावा तेरे नाम दा।।
लोका दी खुशियां विच दाता,
मैं वी खुश हो जावा,
नच्चा टप्पा गावा मैं ते,
रज रज मौज मनावा,
चढेया रहवे मेरे उत्ते दाता,
सुरूर तेरे नाम दा,
तू देंदा रह मेरें दातेया,
मैं खावा तेरे नाम दा।।
तू देंदा रह मेरे दातेया,
मैं खावा तेरे नाम दा,
मैं खावां तेरे नाम दा,
गुण गांवां तेरे नाम दा।।
सतगुरु की कृपा सदा अपने भक्तों पर बनी रहती है, बस हमें पूर्ण समर्पण और श्रद्धा रखनी होती है। यदि इस भजन ने आपके मन को भक्ति से भर दिया, तो “मुल कित्ती महनता दा पवाई मेरे दातेया”, “दस्स दे मेरे दातेया मैनू इक थाह”, “आस राखो सतगुरु की” और “गुरुदेव के चरणों में सौ बार नमन मेरा” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और गुरुदेव की कृपा में मग्न रहें।

मैं हेमानंद शास्त्री, एक साधारण भक्त और सनातन धर्म का सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता के रहस्यों को सरल भाषा में भक्तों तक पहुँचाना है। शनि देव, बालाजी, हनुमान जी, शिव जी, श्री कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का वर्णन करना मेरे लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का सार भक्तों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। जय सनातन धर्म