Avadh Me Chhayi Khushi Ki Bela Laga Hai Avadh Puri Me Mela
अवध में छाई खुशी की बेला,
लगा है अवध पुरी में मेला।।
राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न,
संग में नाचे हनुमत चेला,
लगा है अवध पुरी में मेला,
अवध मे छाई खुशी की बेला,
लगा है अवध पुरी में मेला।।
देश देश से भूपति आये,
राजा और महाराजा आये,
अवध में देखो लगा है झमेला,
लगा है अवध पुरी में मेला,
अवध मे छाई खुशी की बेला,
लगा है अवध पुरी में मेला।।
आओ रे आओ नाचो गाओ,
सब मिल करके मंगल गाओं,
अवध में देखो लगा है झमेला,
लगा है अवध पुरी में मेला,
अवध मे छाई खुशी की बेला,
लगा है अवध पुरी में मेला।।
अवध में छाई खुशी की बेला,
लगा है अवध पुरी में मेला।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile