गुरुवर तुम्ही बता दो किसकी शरण में जायें लिरिक्स

जब जीवन के मार्ग पर अंधकार छा जाता है और मन दुविधा में पड़ जाता है, तब केवल गुरुवर ही सच्चा मार्गदर्शन दे सकते हैं। “गुरुवर तुम्ही बता दो किसकी शरण में जायें” भजन भक्त की उसी प्रार्थना को प्रकट करता है, जहाँ वह गुरु से सही दिशा दिखाने की विनती करता है। इस भजन को पढ़ने या करने से हमें यह अहसास होता है कि सच्चे गुरु ही हमें सही राह दिखाते हैं और आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाते हैं।

Guruvar Tumhi Bata Do Kiski Sharan Mai Jaye Lyrics

गुरुवर तुम्ही बता दो,
किसकी शरण में जायें,
किसके चरण में गिरकर,
अपनी व्यथा सुनायें,
गुरुवर तुम्हीं बता दो,
किसकी शरण में जायें।।

अज्ञान के तिमिर ने,
चारों तरफ से घेरा,
क्या रात है प्रलय की,
होगा नहीं सवेरा,
पथ और प्रकाश दो तो,
चलने की शक्ति पायें,
गुरुवर तुम्हीं बता दो,
किसकी शरण में जायें।।

जीवन के देवता का,
करते रहे निरादर,
कैसे करें समर्पित,
जीवन की जीर्ण चादर,
यह पाप की गठरिया,
क्या खोलकर दिखायें,
गुरुवर तुम्हीं बता दो,
किसकी शरण में जायें।।

माना कपूत है हम,
क्या रुष्ट रह सकोगे,
मुस्कान प्यार अमृत,
क्या दे नहीं सकोगे,
दाता तुम्हारे दर से,
जायें तो किधर जायें,
गुरुवर तुम्हीं बता दो,
किसकी शरण में जायें।।

गुरुवर तुम्ही बता दो,
किसकी शरण में जायें,
किसके चरण में गिरकर,
अपनी व्यथा सुनायें,
गुरुवर तुम्हीं बता दो,
किसकी शरण में जायें।।

गुरु का सान्निध्य और उनका आशीर्वाद जीवन को सार्थक बना देता है। जब हम उनकी शरण में जाते हैं, तो हर प्रश्न का उत्तर और हर समस्या का समाधान अपने आप मिल जाता है। यदि यह भजन आपको आध्यात्मिक प्रेरणा देता है, तो “गुरु की महिमा अपरंपार”, “गुरु को ना पहचान सका तो जग जाना तो जाना क्या”, “गुरुदेव मेरे गुरुदेव मेरे” और “गुरुवर मेरी ओर अपनी नजरिया रखियो” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और गुरुदेव की कृपा का अनुभव करें।









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