Ram Naam Ke Hire Moti Me Bikhrau Gali Gali
राम नाम के हीरे मोती,
मैं बिखराऊं गली गली,
ले लो रे कोई राम का प्यारा,
शोर मचाऊं गली गली।।
दौलत के दीवानों सुन लो,
एक दिन ऐसा आएगा,
धन दौलत और रूप खजाना,
यही धरा रह जाएगा,
सुन्दर काया माटी होगी,
चर्चा होगी गली गली,
ले लो रे कोई राम का प्यारा,
शोर मचाऊं गली गली।।
प्यारे मित्र सगे सम्बंधी,
इक दिन तुझे भुलायेंगे,
कल तक अपना जो कहते,
अग्नि पर तुझे सुलायेंगे,
जगत सराय दो दिन की है,
आखिर होगी चला चली,
ले लो रे कोई राम का प्यारा,
शोर मचाऊं गली गली।।
क्यूँ करता है तेरी मेरी,
छोड़ दे इस अभिमान को,
झूठे धंधे छोड़ दे बन्दे,
जप ले हरि के नाम को,
दो दिन का यह चमन खिला है,
फिर मुरझाये कलि कलि,
ले लो रे कोई राम का प्यारा,
शोर मचाऊं गली गली।।
जिस जिस ने यह हीरे लुटे,
वो तो माला माल हुए,
दुनिया के जो बने पुजारी,
आखिर वो कंगाल हुए,
धन दौलत और माया वालो,
मैं समझाऊं गली गली,
ले लो रे कोई राम का प्यारा,
शोर मचाऊं गली गली।।
राम नाम के हीरे मोती,
मैं बिखराऊं गली गली,
ले लो रे कोई राम का प्यारा,
शोर मचाऊं गली गली।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile