लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे लिरिक्स

जब भक्ति सच्चे मन से की जाती है, तो हर शब्द और हर भाव में गुरुदेव की कृपा झलकने लगती है। भक्त जानता है कि उसकी लेखनी भी गुरु की दी हुई है, और वही उसकी तक़दीर लिखने वाले हैं। “लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे” भजन इसी गहरे भाव को प्रकट करता है, जहां भक्त अपने गुरु से प्रार्थना करता है कि वे उसकी किस्मत को अपने आशीर्वाद से संवार दें। जब हम इस भजन को पढ़ते या करते हैं, तो हमें गुरुदेव की महिमा का अहसास होता है और उनकी दया पर अटूट विश्वास बनता है।

Likhne Wale Tu Hoke Dayal Likh De Lyrics

लिखने वाले तू,
होके दयाल लिख दे,
मेरे दिल में तू गुरु का,
प्यार लिख दे।।

हाथ में लिख दे तू,
सेवा गुरु की,
दिल में तू दिलबर का,
नाम लिख दे,
मेरे दिल में तू गुरु का,
प्यार लिख दे।।

होंठों पे मेरे हो,
नाम गुरु का,
अखियों में गुरु का,
दीदार लिख दे,
मेरे दिल में तू गुरु का,
प्यार लिख दे।।

जब भी झुके सर,
चरण हो गुरु के,
मन में ये पावन,
विचार लिख दे,
मेरे दिल में तू गुरु का,
प्यार लिख दे।।

नैनो की गलियों में,
हो आना जाना,
सपना हो मेरा,
साकार लिख दे,
मेरे दिल में तू गुरु का,
प्यार लिख दे।।

लिखने वाले तू,
होके दयाल लिख दे,
मेरे दिल में तू गुरु का,
प्यार लिख दे।।

गुरुदेव ही सच्चे रचयिता हैं, जो हमारे जीवन की लकीरों को अपने आशीर्वाद से भर देते हैं। उनकी कृपा से ही हर संकट दूर होता है और मार्ग प्रशस्त होता है। यदि यह भजन आपको भक्ति और श्रद्धा से भरता है, तो “मेरे गुरु ही गोविंद हैं दूसरा ना कोई”, “पगलिया पूजो रे गुरु जी का चंदन घोल घोल कर”, “नमो नमो रामा गुरु वंदन जगत जड़या मोहे काढ़ लिया” और “गुरुदेव बिना इस जीवन के अंधकार को कौन मिटाएगा” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और गुरुदेव की कृपा का अनुभव करें।









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