गुरुदेव ही हमारे जीवन के सच्चे मार्गदर्शक हैं, जो अपने ज्ञान और कृपा से अज्ञान के अंधकार को मिटाते हैं। उनके बिना यह जीवन दिशाहीन हो जाता है, और सही मार्ग की पहचान करना कठिन हो जाता है। “गुरुदेव बिना इस जीवन के अंधकार को कौन मिटाएगा” भजन इसी सत्य को दर्शाता है, जहां भक्त अपनी श्रद्धा और समर्पण के भाव से गुरुदेव को पुकारता है। जब हम इस भजन को पढ़ते या करते हैं, तो हमें यह एहसास होता है कि गुरुदेव के आशीर्वाद से ही जीवन प्रकाशमय बन सकता है।
Gurudev Bina Es Jivan Ke Andhkar Ko Koun Mitayega
गुरुदेव बिना इस जीवन के,
अंधकार को कौन मिटाएगा,
सत मार्ग कौन दिखाएगा,
बुरा भला कौन समझाएगा,
गुरुदेव बिना इस जीवन के,
अंधकार को कौन मिटाएगा।।
गुरुदेव अलौकिक शक्ति है,
गुरुदेव बिना नहीं भक्ति है,
जो कर्मों वाली कश्ती है,
उसे गुरु ही पार लगाएगा,
गुरुदेव बिना इस जीवन के,
अंधकार को कौन मिटाएगा।।
जब कृपा गुरु की होती है,
तब जगती ज्ञान की ज्योति है,
जो पडा़ रेत में मोती है,
उसे सतगुरु ही चमकाएगा,
गुरुदेव बिना इस जीवन के,
अंधकार को कौन मिटाएगा।।
है ज्ञान गुरु के चरणों में,
है ध्यान गुरु के चरणों में,
सब धाम गुरु के चरणों में,
जो टोहेगा वो पाएगा,
गुरुदेव बिना इस जीवन के,
अंधकार को कौन मिटाएगा।।
जो कलम ‘गजेन्द्र’ की चलती है,
सब कृपा गुरु से ही मिलती है,
जब तक ना जान निकलती है,
सतगुरु की महिमा गाएगा,
गुरुदेव बिना इस जीवन के,
अंधकार को कौन मिटाएगा।।
गुरुदेव बिना इस जीवन के,
अंधकार को कौन मिटाएगा,
सत मार्ग कौन दिखाएगा,
बुरा भला कौन समझाएगा,
गुरुदेव बिना इस जीवन के,
अंधकार को कौन मिटाएगा।।
गुरुदेव की कृपा से जीवन का हर अंधकार दूर हो जाता है और आत्मा को सच्चा प्रकाश प्राप्त होता है। यदि यह भजन आपके मन में भक्ति और श्रद्धा की लौ जलाता है, तो “गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे”, “गुरु की महिमा कोई ना जाने”, “जब सिर पे गुरु जी का हाथ फिर मन तोहे चिंता काहे की” और “गुरु मात पिता गुरु बंधू सखा” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और गुरुदेव की कृपा का अनुभव करें।