Kab Aaoge Prabhu Ghar mere
(तर्ज :- कब आयेगा मेरे बंजारे … फि॰ बंजारन)
तेरी पुजारिन रस्ता देखे
कब आओगे प्रभु घर मेरे-2॥
कब आओगे …
खड़ी – खड़ी रोज मैँ बाट निहारूँ।
बिछाके आसन नित अंगना बुहारूँ॥
चुन-चुनके फूल राह मेँ बिछाये प्यारे-प्यारे॥१॥
कब आओगे प्रभु …
कुटिया मेरी चरणोँ से पावन करदो।
भक्ति ज्ञान मेरे उर मेँ भर दो॥
भूले क्योँ दासी शबरी को जग के पालनहारे॥२॥
कब आओगे प्रभु …
तोड़ तोड़ बेर मैं छबड़ी भर ल्याई।
खट्टे नहीँ, हैँ मीठे चख-चख ल्याई॥
देख देख रस्ता थक गये नैन अब मेरे॥३॥
कब आओगे प्रभु …
नादान हूँ मैँ बहुत भक्ति न जानूं।
कैसे करुँ पूजा आपकी विधि न जानूं॥
‘खेदड़’ जानता है बस गाने भजन तुम्हारे॥४॥
कब आओगे प्रभु …Bhajan By “PKhedar”
तेरी पुजारिन …

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile