Ram Aarti Hone Lagi Hai Jag mag Jag Mag Jyot Lagi Hai
राम आरती होने लगी है,
जग मग जग मग ज्योत जगी है,
जग मग जग मग ज्योत जगी है।।
गावे यश ब्रम्हा मुनि नारद,
अन्य मुनि जे पथ परमारथ,
अन्य मुनि जे पथ परमारथ…
हनुमान पद प्रीत जगी है,
जग मग जग मग ज्योत जगी है,
जग मग जग मग ज्योत जगी है।।
बाम भाग सिय सोहत कैसी,
ब्रम्ह जिव विच माया जैसी,
ब्रम्ह जिव विच माया जैसी,
भरत शत्रुह्न चवर फबी है…
जग मग जग मग ज्योत जगी है,
जग मग जग मग ज्योत जगी है।।
करत अपावन पावन जग में,
नाम राम को आवत हिय में,
नाम राम को आवत हिय में…
मोहन मन में आस लगी है,
जग मग जग मग ज्योत जगी है,
जग मग जग मग ज्योत जगी है।।
राम आरती होने लगी है,
जग मग जग मग ज्योत जगी है…
जग मग जग मग ज्योत जगी है।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile