Man No Morliyo Rate Taru Naam Mhari Jhopadiye Aavo Mhara Ram
मन नो मोरलियो,
रटे तारु नाम,
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम…
एक वार आवी पुर,
हईया केरी हाम,
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम।
सूरज उगे ने म्हारी,
उगती रे आशा,
संध्या ढ़ले ने म्हने,
मढ़ती निराशा…
रात दिवस म्हने,
सूझे नहीं काम,
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम,
मन नो मोरलियों,
रटे तारु नाम,
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम।
आँखड़लिये म्हने,
आंसू दिखाए से,
दर्शन बिन म्हारो,
दिलड़ो डुबाए से,
नहीं रे आवो तो वाला,
जासे म्हारा प्राण…
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम,
मन नो मोरलियों,
रटे तारु नाम,
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम।
एक वार वाला तारी,
झांकी जो थाए,
आँसुना बिंदुति,
धोऊं थारा पाए,
मांगू सदा थारा,
चरणों मा वास…
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम,
मन नो मोरलियों,
रटे तारु नाम,
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम।
रघुवीर राम ने,
बहु या छू,
दान शांति नु,
कर दो ने साचु,
सपनो साकार,
करो म्हारा राम,
म्हारी झोपड़िये…
आवो म्हारा राम,
मन नो मोरलियों,
रटे तारु नाम,
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम।
मन नो मोरलियो,
रटे तारु नाम,
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम…
एक वार आवी पुर,
हईया केरी हाम,
म्हारी झोपड़िये,
आवो म्हारा राम।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile