Sukh Ke Sab Sathi Dukh Me Na Koi
सुख के सब साथी दुख में न कोई,
मेरे राम मेरे राम…
तेरा नाम है साचा दूजा न कोई,
सुख के सब साथी दुख में न कोई।।
जीवन आनी जानी छाया,
झूठी माया झूठी काया,
फिर काहे को सारी उमरिया,
पाप की गठरी ढोई…
सुख के सब साथी दुख मे न कोई,
मेरे राम मेरे राम,
तेरा नाम है साचा दूजा न कोई…
सुख के सब साथी दुख में न कोई।।
ना कुछ तेरा ना कुछ मेरा,
ये जग जोगी वाला फेरा,
राजा हो या रंक सभी का…
अंत एक सा होई,
सुख के सब साथी दुख मे न कोई,
मेरे राम मेरे राम,
तेरा नाम है साचा दूजा न कोई…
सुख के सब साथी दुख में न कोई।।
बाहर की तू माटी फांके,
मन के भीतर क्यूं न झांके,
उजले तन पर मान किया और,
मन की मैल न धोई…
सुख के सब साथी दुख मे न कोई,
मेरे राम मेरे राम,
तेरा नाम है साचा दूजा न कोई…
सुख के सब साथी दुख में न कोई।।
सुख के सब साथी दुख में न कोई,
मेरे राम मेरे राम…
तेरा नाम है साचा दूजा न कोई,
सुख के सब साथी दुख में न कोई।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile