Jhuk Jaiyo Tanak Raghuveer Siya Meri Chhoti Hai
झुक जइयो तनक रघुवीर,
सिया मेरी छोटी है,
सिया मेरी छोटी,
लली मेरी छोटी।।
तुम हो बड़े बलवीर,
सिया मेरी छोटी है,
झुक जइयों तनक रघुवीर,
सिया मेरी छोटी है।।
जय माला लिए,
कब से है ठाड़ी,
दूखन लागों शरीर,
सिया मेरी छोटी है।।
झुक जइयों तनक रघुवीर,
सिया मेरी छोटी है।।
तुम तो हो राम जी,
अयोध्या के राजा,
और हम है जनक के गरीब।।
सिया मेरी छोटी है,
झुक जइयों तनक रघुवीर,
सिया मेरी छोटी है।।
लक्ष्मण ने भाभी की,
दुविधा पहचानी,
राम जी के चरणो में,
वो झुक गए है ज्ञानी,
सब कहे जय जय रघवीर।।
प्रभु जी क्या जोड़ी है,
सिया मेरी छोटी है,
झुक जइयों तनक रघुवीर,
सिया मेरी छोटी है।।
झुक जइयो तनक रघुवीर,
सिया मेरी छोटी है,
सिया मेरी छोटी,
लली मेरी छोटी।।
तुम हो बड़े बलवीर,
सिया मेरी छोटी है,
झुक जइयों तनक रघुवीर,
सिया मेरी छोटी है।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile