जान रहे ना रहे देश ज़िंदा रहे देशभक्ति गीत में देश की अटूट रक्षा और उसके अमर रहने की भावना प्रकट होती है। यह गीत हमें याद दिलाता है कि चाहे कुछ भी हो जाए, देश की सेवा और सम्मान सबसे ऊपर होता है। आइए, इस गीत के साथ हम अपने देश के लिए अपने समर्पण को दोहराएं।
Jaa Rahe Naa Rahe Desh Jinda Rahe Deshbhakti Geet Lyrics
जान रहे ना रहे देश ज़िंदा रहे,
मौत हो सामने ना डरो….
बचाने में वतन की लाज,
तू लड़ जाना तू मर जाना…
उठा हथियार सीमा पे,
तू लड़ जाना तू मर जाना।।
उठे जो सर खिलाफत में,
उसे धड़ से हटा देना…
वतन की लाज के खातिर,
लहू अपना बहा देना,
सलामत देश को रखना…
तू लड़ जाना तू मर जाना,
उठा हथियार सीमा पे,
तू लड़ जाना तू मर जाना।।
शहीदों की शहादत को,
ये दुनिया याद करती है…
मरे जो देश के खातिर,
तो माँए नाज़ करती हैं,
दहाड़े रण में जो दुश्मन,…
तू लड़ जाना तू मर जाना,
उठा हथियार सीमा पे,
तू लड़ जाना तू मर जाना।।
जान रहे ना रहे देश ज़िंदा रहे,
मौत हो सामने ना डरो,
बचाने में वतन की लाज,
तू लड़ जाना तू मर जाना….
उठा हथियार सीमा पे,
तू लड़ जाना तू मर जाना।।
देश के अमरत्व और सेवा की भावना से भरा यह गीत जान रहे ना रहे देश ज़िंदा रहे हमें अपने देश के लिए निष्ठा और बलिदान की प्रेरणा देता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए आप Hum Honge Kamyab Ek Din Deshbhakti Geet Lyrics, Ye Mere Vatan Ke Logo Jara Ankh me Bhar Lo Pani Lyrics, Tarun Veer Desh Ke Murt Veer Desh Ke Deshbhakti Geet Lyrics को भी पढ़ सकते हैं, जो हमारे देश प्रेम को और प्रगाढ़ करते हैं।