Chitrakut Ke Ghat Ghat Par Babari Dekhe Baat
चित्रकूट के घाट घाट पर,
शबरी देखे बाट,
राम मेरे आ जाओ,
राम मेरे आ जाओ…
चित्रकुट के घाट घाट पर,
शबरी देखे बाट…
राम मेरे आ जाओ।।
अपने राम जी को,
कहाँ मैं बिठाऊँ,
कहाँ मैं बिठाऊँ,
टुटी फूटी खाट खाट प…
बिछया पुराना टाट,
राम मेरे आ जाओ,
चित्रकुट के घाट घाट पर,
शबरी देखे बाट…
राम मेरे आ जाओ।।
अपने राम जी को,
क्या मैं खिलाऊँ,
क्या मैं खिलाऊँ,
छोटे छोटे पेड़ पेड़ प…
लगे सुनहरी बेर,
राम मेरे आ जाओ,
चित्रकुट के घाट घाट पर,
शबरी देखे बाट…
राम मेरे आ जाओ।।
अपने राम को,
कया मैं पिलाऊं,
कया मैं पिलाऊं,
कपला गाढा दुध…
दुध में पड़ी मलाई खुब,
राम मेरे आ जाओ,
चित्रकुट के घाट घाट पर,
शबरी देखे बाट…
राम मेरे आ जाओ।।
अपने राम जी को,
कहां मैं झुलाऊँ,
कहां मैं झुलाऊँ,
छोटी डाली आम आम प…
झूले सीता राम,
राम मेरे आ जाओ,
चित्रकुट के घाट घाट पर,
शबरी देखे बाट…
राम मेरे आ जाओ।।
अपने राम जी को,
कैसे मैं रिझाऊँ,
कैसे मैं रिझाऊँ,
दीन हीन मोहे जान…
ना ही कोई भक्ति ज्ञान,
राम मेरे आ जाओ,
चित्रकुट के घाट घाट पर,
शबरी देखे बाट…
राम मेरे आ जाओ।।
चित्रकूट के घाट घाट पर,
शबरी देखे बाट,
राम मेरे आ जाओ…
राम मेरे आ जाओ,
चित्रकुट के घाट घाट पर,
शबरी देखे बाट…
राम मेरे आ जाओ।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile