वतन के सिवा कुछ ना चाहत करेंगे देशभक्ति गीत हमारे दिलों में देश के प्रति एकाग्र और निश्छल प्रेम जगाने वाला भजन है। यह गीत हमें सिखाता है कि देश से बड़ा कोई धन या खुशी नहीं होती। आइए, इस भजन के साथ हम अपने वतन के लिए अपने समर्पण को और मजबूत करें।
Vatana Ke Siva Kuchh Na Chahat Karenge
तर्ज – तेरे सिवा कुछ ना।
ओ अमर शहीद मेरी सांसो में हो तुम,
ओ अमर शहीद मेरे ख्वाबो में हो तुम,
तेरे बलिदान पे तो बोल मेरे हैं कम,
गर्व से भरा है सीना आंख मेरी हैं नम,
देश का हर इक इक हो,,
देश का हर इक इक इंसां कहेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे,
वतन के सिवा कुछ न चाहत करेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।।
ऊंचा तिरंगा तेरा स्थान रहेगा,
दुनिया मे भारत का नाम रहेगा,
माँ पिता भाई बहना का मान रहेगा,
पत्नी के दिल में भी अभिमान रहेगा,
भगतसिंह सुभाष मरके हो,,
भगतसिंह सुभाष मरके ज़िंदा रहेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे,
वतन के सिवा कुछ न चाहत करेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।।
सभी देशवासी हैं हां साथ तेरे,
भूलेंगे हम ना एहसान तेरे,
करूँ मैं गुजारिश सुनो भाई बहना,
शहीदों के घर को रखो जैसे हो गहना,
ये वादा किया तो हो,,
ये वादा किया तो जोश से लड़ेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे,
वतन के सिवा कुछ न चाहत करेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।।
वतन के सिवा कुछ ना चाहत करेंगे,
कि जब तक जिएंगे वतन पे मरेंगे।।
देशभक्ति और समर्पण की भावना से भरपूर यह भजन वतन के सिवा कुछ ना चाहत करेंगे देशभक्ति गीत हमें अपनी मातृभूमि के प्रति निष्ठावान रहने की प्रेरणा देता है। इसी भावना को बनाए रखते हुए आप जिस दिन सोया राष्ट्र जगेगा संघ एकल गीत लिरिक्स, आया बुलावा भारत माँ का मेरा ही नाम प्रथम लिखा है, आजादी की दुल्हन का श्रृंगार अभी तक बाकी है देशभक्ति गीत को भी पढ़ सकते हैं, जो हमारे देश प्रेम को और गहरा करते हैं।