दे दी अपनी कुर्बानी हिंदुस्तान के लिए भजन हमारे देश के वीर जवानों की अमर शौर्य गाथा है, जो अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा करते हैं। इस भजन के माध्यम से हम उनकी बहादुरी और त्याग को सम्मानित करते हैं और अपने दिल में देशभक्ति की ज्योति जलाते हैं।
De Di Apni Kurbani Hinudustan Ke Liiye Lyrics
गाऊं गाथा मैं ऐसे,
उन जवानों के लिए…
दे दी अपनी कुर्बानी,
हिंदुस्तान के लिए।।
सीने पर गोली खाए,
और सर को नही झुकाए…
अपने प्राणों को देकर,
भारत का शान का बढ़ाए,
श्रद्धा और सुमन समर्पित…
उन जवान के लिए,
दे दी अपनी क़ुरबानी,
हिंदुस्तान के लिए।।
नवधा भक्ति के अलावा,
दसवी है देश की भक्ति…
नवधा भक्ति के बराबर,
बस केवल देश की भक्ति,
सोचे जो देश के हित में…
वो है प्यार के लिए,
दे दी अपनी क़ुरबानी,
हिंदुस्तान के लिए।।
उन गद्दारों मिलकर,
अब हम सब मार भगाए…
जो वन्दे मातरम बोले,
बस वो ही रहने पाए,
भारत में नही ठिकाना…
बेईमान के लिए,
दे दी अपनी क़ुरबानी,
हिंदुस्तान के लिए।।
आजाद भगत चंद्रशेखर,
है आज भी पैदा होते,
निज स्वार्थ त्याग कर केवल…
भारत की रक्षा करते,
‘रवि’ लिखकर गाए गाना…
हिंदुस्तान के लिए,
दे दी अपनी क़ुरबानी,
हिंदुस्तान के लिए।।
गाऊं गाथा मैं ऐसे,
उन जवानों के लिए…
दे दी अपनी कुर्बानी,
हिंदुस्तान के लिए।।
देशभक्ति की भावना को जीवित रखने वाला यह भजन दे दी अपनी कुर्बानी हिंदुस्तान के लिए हमें याद दिलाता है कि हमारी आज़ादी वीरों के बलिदान की देन है। इसी संदर्भ में आप कही पर्वत झुके भी है कही दरिया रूके भी है लिरिक्स, हम लोगों को समझ सको तो समझो दिलबर जानी हिंदी लिरिक्स, दिव्य धरा यह भारती छलक रहा आनंद लिरिक्स जैसे भजनों को भी पढ़ सकते हैं, जो देश के प्रति गर्व और सम्मान को और बढ़ाते हैं।