हे शिव शंकर भक्ति की ज्योति अब तो जला दो मन में

हे शिव शंकर भक्ति की ज्योति अब तो जला दो मन में भजन में शिवजी से प्रार्थना की जा रही है कि वे अपने भक्त के मन में भक्ति की सच्ची ज्योति प्रज्वलित करें। इस भजन के माध्यम से भक्त शिव शंकर से आशीर्वाद मांगते हैं कि उनका मन संसारिक बन्धनों से मुक्त होकर सच्ची भक्ति में रत हो जाए। यह भजन शिवजी के प्रति पूर्ण समर्पण और श्रद्धा को दर्शाता है, जो भक्त को आध्यात्मिक उन्नति की ओर मार्गदर्शन करता है।

Hey Shiv Shankar Bhakti Ki Jyoti Ab To Jala Do Man Me

हे शिव शंकर,
भक्ति की ज्योति।
अब तो जला दो मन में,
राग द्वेष से कलुषित ये मन,
उज्ज्वल हो पल छिन में।।

तेरी डमरू से निकले है,
ओमकार स्वर प्रतिपल।
मै रम जाऊँ तुझमे भगवन,
तू रम जा नैनन में।
है शिव शंकर,
भक्ति की ज्योति,
अब तो जला दो मन में।।

भस्म रमाये तन पे तू क्यों,
इसका राज बतादो।
बीत गये कुछ अब न बीते,
बाकी क्षण बातन में।
है शिव शंकर,
भक्ति की ज्योति,
अब तो जला दो मन में।।

किसका ध्यान धरे कैलाशी,
इसका ज्ञान अमर दो।
तू है या फिर ध्यान धरे जो,
वो बैठा कण कण में।
है शिव शंकर,
भक्ति की ज्योति,
अब तो जला दो मन में।।

हे शिव शंकर,
भक्ति की ज्योति।
अब तो जला दो मन में,
राग द्वेष से कलुषित ये मन,
उज्ज्वल हो पल छिन में।।

शिव शंकर की भक्ति में जो आत्मसात हो जाता है, वह न केवल जीवन की कठिनाइयों से पार हो जाता है, बल्कि आत्मिक शांति भी प्राप्त करता है। इस प्रकार के भजन जैसे शिव शंकर डमरू धारी, बम बम भोला और महाकाल की महिमा हमें शिवजी की अपार महिमा और शक्ति से अवगत कराते हैं। इन भजनों को पढ़ें और महसूस करें कि कैसे शिव की भक्ति हमारे जीवन को और अधिक अर्थपूर्ण और समृद्ध बना सकती है।

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