सुखी रहे जग सारा प्रभु दुखिया रहे न कोय प्रार्थना लिरिक्स

सुखी रहे जग सारा प्रभु दुखिया रहे न कोय भजन में एक गहरी प्रार्थना की भावना निहित है, जिसमें भक्त प्रभु से सम्पूर्ण सृष्टि की सुख-शांति की कामना करते हैं। यह भजन प्रभु की अनंत कृपा और शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त करने की एक सुंदर दुआ है, जो सभी के दिलों में प्रेम और सुख की भावना उत्पन्न करता है। पंडित सत्य प्रकाश जी के दृष्टिकोण से, इस भजन में प्रभु के प्रति समर्पण और उनके आशीर्वाद की एक अद्भुत शक्ति को महसूस किया जा सकता है।

Sukhi Rahe Jag Sara Prabhu Duniya Rahe Na Koy Prarthana

सुखी रहे जग सारा प्रभु,
दुखिया रहे न कोय…
ऐसी विनती हम सबकी,
बाबा पूरी होय।।

बल बुद्धि विद्या तेज प्रभु,
सब के भीतर होय…
अन्न धन लक्ष्मी निरोग से,
सुखी रहे सब कोय,
महाकाल बाबा आपकी…
भक्ति करे नर नार,
रोग दोष से मुक्त करो,
विनती बारंबार।।

सहारा सदा आपका,
मिले हमें महाकाल…
नाम तेरा जपते रहे,
जय जय श्री महाकाल,
काम क्रोध मद लोभ मोह…
मन से दियो हटाय,
श्रद्धा और विश्वास की,
ज्योति दीयो जलाएं।।

त्रिविध ताप इस जगत में,
तीन भयंकर शूल…
त्रिपुरारी शिव कृपा करे,
करें इन्हें निर्मूल,
तीन दल त्रिनेत्र हैं…
तीन गुणों की खान,
जनम जनम के पाप हरो,
है भोले भगवान।।

जन्म-मरण के चक्र से,
मुक्त करें भोलेनाथ…
भव भय दुख विपदा हरे,
जाने सकल सनाथ,
हम सब शरण में है बाबा,
कालों के भी काल…
‘सत्य’ राह मिल जाए तो,
जीवन होय निहाल।।

सुखी रहे जग सारा प्रभु,
दुखिया रहे न कोय…
ऐसी विनती हम सबकी,
बाबा पूरी होय।।

सुखी रहे जग सारा प्रभु दुखिया रहे न कोय भजन में प्रभु की कृपा और उनके द्वारा हर जीव के जीवन में सुख-शांति की जो कामना व्यक्त की गई है, वह भगवान के प्रेम और करुणा की भावना को प्रकट करती है। इस भजन की अद्भुत भावनाओं से अभिभूत होकर, आप शिव की जटा से बरसे गंगा की धार, शिव शंकर डमरू धारी है और भोले बाबा मेरा प्यारा जैसे भजनों के माध्यम से और भी अधिक शिव की महिमा का अनुभव कर सकते हैं।

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